जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: Chardham Yatra 2022 : चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एसडीआरएफ को यात्री पंजीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंगलवार को इनके तीन काउंटर में करीब 4000 श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया गया। एसडीआरएफ के स्लाट के मुताबिक केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए चार जून के बाद की तिथि मिल रही है। अन्य धाम के दर्शन के लिए 28 मई की तिथि दी जा रही है।

एसडीआरएफ को आफलाइन पंजीकरण की जिम्मेदारी 

सचिव पर्यटन के आदेश पर नई व्यवस्था के तहत एसडीआरएफ को आफलाइन पंजीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड में आठ काउंटर खोले गए हैं। जबकि गंगोत्री मार्ग पर भद्रकाली,बदरीनाथ मार्ग पर ब्रह्मपुरी चेक पोस्ट में यात्री पंजीकरण किया जा रहा है।

मंगलवार को किए गए 4000 श्रद्धालुओं के पंजीकरण

एसडीआरएफ के उप निरीक्षक कविंद्र सिंह सजवाण ने बताया कि मंगलवार को सभी सेंटर में करीब 4000 श्रद्धालुओं के पंजीकरण किए गए। केदारनाथ धाम के लिए चार जून तक दर्शन का स्लाट उपलब्ध नहीं है। अन्य धाम के लिए 28 मई के बाद की तिथि दी जा रही हैं। एसडीआरएफ की ओर से बस टर्मिनल कंपाउंड में बुजुर्गों यात्रियों की सहायता और पंजीकरण के लिए अलग व्यवस्था की गई है।

पुराने पंजीकरण तिथि वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी प्राथमिकता

अपर आयुक्त गढ़वाल नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने चारधाम यात्रा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऋषिकेश में रुके जिन श्रद्धालुओं के पंजीकरण की तिथि सबसे पुरानी है, उन्हें सबसे पहले यात्रा पर भेजा जाए। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों को भी व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए।

अपर आयुक्त गढ़वाल ने बताया कि अन्य प्रांत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। अब हरिद्वार में रुके श्रद्धालु भी ऋषिकेश पहुंचने लगे हैं। इन सभी को धामों की यात्रा पर भेजना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि जो यात्री कई दिन से यहां रुके हैं।

उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बसें उपलब्ध कराकर यात्रा पर भेजा जाए। इसके लिए पंजीकरण की तिथि और होटल व धर्मशाला में रुकने की तिथि को आधार बनाया जाएगा। बसों की किल्लत को देखते हुए परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता की गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि परिवहन निगम को काउंटर पर आने वाले श्रद्धालुओं को ही यात्रा पर भेजे जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। ट्रैवल एजेंट को यदि सीधे बसें उपलब्ध कराने की शिकायत की पुष्टि होती है तो इसकी जवाबदेही निगम के संबंधित अधिकारी की होगी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं से अत्यधिक किराया वसूली की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए एआरटीओ को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

Edited By: Nirmala Bohra