देहरादून, जेएनएन। कोरोना महामारी के मद्देनजर घोषित लॉक डाउन को देखते हुए प्रदेश में पंजीकृत श्रमिकों के बैंक खातों में सहायता राशि भेजना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में 302600 श्रमिक पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से एक लाख से ज्यादा श्रमिकों के बैंक खातों के संबंध में बोर्ड के पास जानकारी नहीं है। इन श्रमिकों के पंजीकरण पूर्व में ऑफलाइन हुए थे। हालांकि, अब इनके पंजीकरण फार्म खंगालकर उसमें दर्ज मोबाइल नंबरों पर संदेश भेजे जा रहे हैं। साथ ही अन्य पंजीकृत श्रमिकों से भी इनके बारे में जानकारी ली जा रही है। इस बीच अब तक 77 हजार से ज्यादा श्रमिकों के खातों में सहायता राशि भेजी जा चुकी है।

लॉकडाउन के कारण श्रमिकों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने उन्हें एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। यह राशि इन श्रमिकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की जानी है। इसके लिए कसरत हुई तो बात सामने आई कि बड़ी संख्या में श्रमिकों के बैंक खातों के बारे में ब्योरा उपलब्ध नहीं है। सूत्रों के अनुसार पिछले तीन सालों में राज्य सरकार ने 1.76 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं में लाभान्वित किया और इनके बैंक खातों की जानकारी उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पास है। इनमें से लगभग 77 हजार श्रमिकों के खातों में गुरुवार तक सहायता राशि भेजी जा चुकी थी।

डॉ. हरक सिंह रावत (श्रम मंत्री, उत्तराखंड) का कहना है कि जिन श्रमिकों के बैंक खातों के संबंध में जानकारी नहीं है, उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। ऑफलाइन हुए इन श्रमिकों के पंजीकरण में मोबाइल व फोन नंबर दर्ज हैं, जिन पर मैसेज भेजकर जानकारी मांगी जा रही है। साथ ही अन्य श्रमिकों से भी ऐसे श्रमिकों के बारे में ब्योरा जुटाया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि कोई भी पंजीकृत श्रमिक सहायता राशि से वंचित न रहे।

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कोरोना की रोकथाम के उपयोग में लाई जाएगी सीएम हेल्पलाइन

आइटी पार्क स्थित आइटीडीए भवन में स्थापित सीएम हेल्पलाइन 1905 को अग्रिम आदेशों तक कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए उपयोग में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री के आइटी सलाहकार रविंद्र दत्त ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हेल्पलाइन को अतिरिक्त आवश्यक संचार उपकरणों से और अधिक प्रभावी बनाया गया है। अब वहां पर एक साथ 16 कार्मिक इससे संबंधित समस्याएं सुन सकते हैं। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का संज्ञान लेकर इसकी जानकारी त्वरित रूप से संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आईटीडीए भवन को नियमित रूप से सेनिटाइज किया जा रहा है। यहां कार्यरत कार्मिकों सुरक्षा संबंधी गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है।

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Posted By: Sunil Negi

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