संवाद सूत्र, त्यूणी: बुधवार को जौनसार-बावर के पांडवकालीन शिव मंदिर लाखामंडल में क्षेत्र की खुशहाली को महा रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। इसके अलावा उत्तराखंड व हिमाचल बॉर्डर पर स्थित प्राचीन शासन गुफा में शिव दर्शन को आए श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई। शिवालयों में बड़ी संख्या में आए लोगों ने भगवान शंकर के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर में महा शिवरात्रि पर्व दो दिन मनाया गया। क्षेत्र के कुछ इलाकों में बीते मंगलवार को लोगों ने महा शिवरात्रि का व्रत रखा। जबकि अधिकांश शिव भक्तों ने बुधवार को महा शिवरात्रि का व्रत रखा। महा शिवरात्रि के मौके पर दो दिन से शिवालयों व महासू मंदिर हनोल व लाखामंडल में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पांडवकालीन महत्व के शिव मंदिर लाखामंडल में महा शिवरात्रि के अवसर पर क्षेत्र की खुशहाली को महा रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। शिव दर्शन को बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पुष्प, दूध व जल चढ़ाकर भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। लाखामंडल मंदिर में महा रुद्राभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने शिव ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर जलाभिषेक किया और घर परिवार के सुख शांति की मनौती मांगी। महा शिवरात्रि के समापन अवसर पर मंदिरों में बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। बुधवार को महा शिवरात्रि का व्रत रखने वाले कई शिव भक्तों ने शाम को पूजा-अर्चना के बाद अपना व्रत खोला। इस मौके पर हनोल में सचिव महासू मंदिर समिति हनोल मोहनलाल सेमवाल, सहायक बजीर एवं पुजारी जय लाल डोभाल, राजगुरु गोरखनाथ, लाखामंडल मंदिर में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सुशील गौड़, बाबूराम शर्मा, नरेंद्र नौटियाल, रोशन लाल व जय किशन आदि मौजूद रहे।

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