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पौने पांच करोड़ के लोन फर्जीवाड़े में किसान गिरफ्तार

सीबीआइ ने पौने पांच करोड़ के किसान लोन फर्जीवाड़े में फरार चल रहे बाजपुर के आरोपित किसान को गिरफ्तार कर लिया है।

By Edited By: Published: Fri, 01 Jun 2018 03:00 AM (IST)Updated: Fri, 01 Jun 2018 05:01 PM (IST)
पौने पांच करोड़ के लोन फर्जीवाड़े में किसान गिरफ्तार
पौने पांच करोड़ के लोन फर्जीवाड़े में किसान गिरफ्तार
जागरण संवाददाता, देहरादून: सीबीआइ ने पौने पांच करोड़ के किसान लोन फर्जीवाड़े में फरार चल रहे बाजपुर के आरोपित किसान को गिरफ्तार कर लिया है। दून लाने के बाद आरोपित को कोर्ट में पेश किया गया। जहां सीबीआइ की विशेष अदालत ने आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इस मामले में बैंक मैनेजर, कंपनी संचालक समेत 18 लोगों के खिलाफ सीबीआइ पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक बाजपुर में 2017 में किसानों को बीज और उपकरण के नाम पर पौने पांच करोड़ का लोन आवंटित किया गया था। इस पैसे से बीज और खेती उपकरण खरीदने के बजाय कुछ लोगों ने पैसा ठिकाने लगा दिया। शिकायत मिलने के बाद सीबीआइ ने मामले की जांच शुरू की और 18 लोगों को आरोपित बनाया। मामले में बैंक मैनेजर और उपकरण बनाने वाली कंपनी संचालक अभी भी जेल में बंद हैं। जबकि 14 किसानों ने कोर्ट से जमानत ले रखी है। फर्जीवाड़े से जुड़ा एक किसान फरार चल रहा था। इसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार सीबीआइ दबिश देती रही, लेकिन आरोपित हाथ नहीं आया। गुरुवार को आरोपित का सुराग लगने पर दून से सीबीआइ की टीम बाजपुर रवाना हुई और आरोपित किसान मंगल सिंह निवासी रम्पुराकाजी, माजरा गुलाबसिंह केलाखेड़ा बाजपुर को गिरफ्तार करने में कामयाब रही। जिसके बाद आरोपित को दून लाकर दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआइ के वकील अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि आरोपित को सीबीआइ की विशेष अदालत में पेश करने के बाद आरोपित मंगल सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। --------------- क्या था पूरा मामला 2017 में सीबीआइ को शिकायत मिली थी कि ग्रामीण विकास बैंक के मैनेजर ने एक कंपनी संचालक के साथ फर्जी तरीके से चार करोड़ 81 लाख 78 हजार का लोन स्वीकृत करवाया है। सीबीआइ ने जांच की तो बैंक मैनेजर, कंपनी संचालक व कंपनी कर्मचारी और 15 ऐसे किसानों की संलिप्तता सामने आई, जिन्होंने चेक से रकम तो ली, मगर इसका उपयोग बीज या उपकरण खरीद में नहीं किया गया। इस मामले में सीबीआइ ने 31 दिसंबर 2017 को चार्जशीट फाइल की थी। ----- इस तरह हुआ फर्जीवाड़ा -2014 में फर्जी तरीके से स्वीकृत कराया गया किसान लोन -2017 में सीबीआइ को मिली शिकायत, जांच हुई शुरू -मामला सही पाए जाने के बाद 18 लोगों को बनाया गया आरोपित -केजीएन फर्म के नाम पर दर्शाई गई उपकरण खरीद -कम भूमि को ज्यादा दिखाकर लिया गया लोना ---------------- फर्जीवाड़े के आरोपित किसान दीदार ¨सह व सतनाम ¨सह बेतखेड़ी, अजीत ¨सह कल्याणपुरी, अंग्रेज ¨सह क्षेत्री, श्याम सुंदर ¨सह उझानी, जागीर ¨सह व दर्शन ¨सह मडैय्या हंट्टू, इंदर प्रकाश ¨सह, जागीर ¨सह मुडिया कला, दीवान ¨सह रम्पुरा, अब्दुल रशीद कनौरी, मंगल ¨सह रम्पुरा काजी, अमरीक ¨सह लंकुरा, देवेंद्र ¨सह गजरौला, रंजवंत ¨सह गजरौला। ------ ये हैं मुख्य आरोपित रामोतार दिनकर (बैंक प्रबंधक), फुरकान (प्रबंधक, केजीएन ट्रैक्टर्स दोराहा बाजपुर), इरशाद (कर्मचारी, केजीएन ट्रैक्टर्स दोराहा बाजपुर)।

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