विकासनगर (देहरादून), जेएनएन। बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड विकासनगर में हुए घोटाले में निलंबित चल रही कैशियर के खिलाफ गुरुवार को विकासनगर कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। घोटाले की जांच अभी चल रही है। पुलिस के अनुसार जल्द ही कुछ अन्य के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं।

कुछ माह पहले समिति ने एक अप्रैल 2015 से मार्च 2020 तक का लेखा परीक्षण (ऑडिट) कराया था। इसमें पता चला कि बीते वर्षो में समिति में करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है। ऐसे में निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड ने बीते जून में इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन किया। जून में ही दी गई रिपोर्ट में जांच कमेटी ने समिति में 2015 से 2020 के बीच तीन करोड़ 43 लाख 85 हजार 671 रुपये का गबन पाया। जांच टीम ने इस घोटाले में कैशियर भारती देवी और आंकिक राजपाल की संलिप्तता पाई थी। जिसके बाद बीती 26 जून को इन पर विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

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इसके अलावा जांच समिति की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इन सभी ने दस्तावेजों की कूटरचना कर स्वयं अभिलेख तैयार किए। इस घोटाले में समिति की कैशियर भारती देवी मुख्य रूप से शामिल थीं। इस आधार पर गुरुवार को सहकारी समिति के सचिव नरेंद्र सिंह नेगी की ओर से कोतवाली में भारती देवी के खिलाफ तहरीर दी गई। कोतवाल राजीव रौथान ने बताया कि तहरीर के आधार पर कैशियर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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