देहरादून, जेएनएन। मसूरी के लंढौर कैंटोनमेंट क्षेत्र में आईटीएम आवास खाली कराए जाने के दौरान देशद्रोही नारेबाजी करने के आरोप में घिरे कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष महेश चंद ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इस मामले में अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति का होने के कारण कुछ लोग मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। 

महेश चंद का कहना है कि कैंटबोर्ड उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद से ही उन्हें प्रताडि़त और बेइज्जत करने की साजिश रची जा रही है। आरोप लगाया कि इसमें कैंटबोर्ड के एक सभाषद व आईटीएम के कुछ अधिकारी शामिल हैं। जो उनके खिलाफ षड्यंत्र रचते रहे हैं। महेश चंद ने कहा कि इस बाबत मैंने अनुसूचित जाति आयोग में भी शिकायत की है। अब न्यायालय की शरण में जा रहा हूं।

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उन्होंने कहा कि बीती 23 अक्टूबर को वह घटनास्थल पर मौजूद थे और इस दौरान वहां देशद्रोह से संबंधित कोई नारेबाजी नहीं की गई। तीन दिन बाद जो वीडियो वायरल किया गया, उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। प्रेसवार्ता में सभाषद पुष्पा पडियार ने भी कहा कि 23 अक्टूबर को घटनास्थल पर किसी प्रकार की देशद्रोही नारेबाजी नहीं की गई। वायरल किया गया वीडियो साजिश का हिस्सा है। प्रेसवार्ता में कैंटबोर्ड सभाषद सुशील अग्रवाल, रमेश कन्नौजिया और युवा कांग्रेस अध्यक्ष वसीम खान भी उपस्थित रहे।

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Posted By: Sunil Negi

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