विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में अवैध रूप से चला रहे थे काल सेंटर, दो गिरफ्तार

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 26 Jun 2021 10:20 PM (IST)

स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र से एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ...और पढ़ें

स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र से एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़ किया है।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र से एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़ किया है।

जागरण संवाददाता, देहरादून। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र से एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सेंटर से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित दून से अमेरिकी नागरिकों से कंप्यूटर व लैपटाप की सर्विस के नाम पर ठगी करते थे। पुलिस उपमहानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था व एसटीएफ नीलेश भरणे ने बताया कि कुछ दिनों से पटेलनगर क्षेत्र में फर्जी काल सेंटर के संचालन की सूचना मिल रही थी। शुक्रवार रात पटेलनगर स्थित गुरु राम राय पीजी कालेज के पास एक फ्लैट में एसटीएफ दबिश दी। काल सेंटर में काम कर रहे दो युवकों मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों की पहचान देहरादून निवासी वैभव गुप्ता और सूद खान के रूप में हुई है। एसटीएफ ने मौके से एक लैपटाप, एक कंप्यूटर, एक हेडफोन, एक वायरलेस राउटर व कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं।

पूछताछ में वैभव ने पुलिस को बताया कि वह कस्टमर केयर अधिकारी बनकर अलग-अलग साफ्टवेयर के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों को उनके सिस्टम की तकनीकी खराबी ठीक करने का झांसा देकर ठगते थे। उन्होंने दो टोल फ्री नंबर खरीदे हैं, जो उनके लैपटाप व कंप्यूटर में मौजूद साफ्टवेयर से कनेक्ट हैं। जब कोई अमेरिकी नागरिक अपने देश में सिस्टम व डिवाइस के रिपेयर के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर ढूंढता है तो उनका टोल फ्री नंबर ही उनके सामने आता।

वह संबंधित कंपनी का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर बात करते हैं तथा उनके डिवाइस में रिमोट एक्सेस साफ्टवेयर इंस्टाल करवाकर सिस्टम को ठीक करवाने के नाम पर 100 से 900 डालर लेते थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों के तीन खाते सीज कर दिए हैं, जिसमें करीब एक करोड़ 10 लाख रुपये की धनराशि मिली है। अमेरिका स्थित बैंक रोयल क्रेडिट यूनियन एंड क्यूबिकल टेक्निकल सर्विस की संलिप्तता के संबंध में इंटरपोल के माध्यम से पत्राचार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें-मसूरी में सात फेरे लेने से पहले दुल्हन पहुंची कोतवाली, पढ़िए पूरी खबर

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें