राज्य ब्यूरो, देहरादून: कैबिनेट मंत्री डा धन सिंह रावत ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत पौड़ी व श्रीनगर में परियोजना से प्रभावित परिवारों को दो सप्ताह के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परियोजना से भूमिहीन हुए 12 परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा देने को कहा है।बुधवार को कैबिनेट मंत्री डा धन सिंह रावत ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन से प्रभावित परिवारों की समस्याओं के संबंध में बैठक की।

इस दौरान उन्होंने रेलवे विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अधिकारियों के समक्ष प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा न देने और प्रभावित बेरोजगारों को योग्यतानुसार रोजगार न देने पर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्णय के आधार पर श्रीनगर के शहरी क्षेत्र में परियोजना प्रभावितों को 11 लाख रुपये नाली और ग्रामीण क्षेत्र में प्रभावितों को 4.84 लाख रुपये प्रति नाली के हिसाब से भुगतान करना है। इसके साथ ही उच्च नयायालय में दायर सभी मामलों को वापस भी लेना है।

यह भी पढ़ें-उत्तराखंड में टेंशन बढ़ा रहा कोरोना, अब तक 50 पुलिसकर्मी मिले संक्रमित; 13 हजार की हो चुकी है जांच

बैठक में मुख्य सचिव एसएस संधु ने आयुक्त गढ़वाल व जिलाधिकारी पौड़ी को समय-समय पर परियोजना की निगरानी करने और प्रभावितों को कोर्ट के निर्णयानुसार मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के कारण जिन घरों को आंशिक नुकसान हुआ है, उनके आकलन के लिए संयुक्त जांच टीम से सर्वे करा कर मुआवजा दिलाया जाए। बैठक में प्रभावितों ने आरवीएनएल पर अलग-अलग मानकों के आधार पर मुआवजा निर्धारित करने का आरोप लगाया। इस पर मुख्य सचिव ने आयुक्त गढ़वाल व जिलाधिकारी पौड़ी को परियोजना से प्रभावित सभी जिलों में मुआवजा आवंटन के मानकों का अध्ययन करते हुए एकरूपता लाने के निर्देश दिए।

बैठक में आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, अपर सचिव डा आनंद श्रीवास्तव, आरवीएनएल के मुख्य परियोजना प्रबंधक हिमांशु बडोनी, अपर महाप्रबंधक विजय डंगवाल समेत क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

यह भी पढ़ें- करोड़ों के घाटे में डूबे रोडवेज को Fastag के बाद अब डीजल में चपत, अधिकारियों की लापरवाही पड़ रही भारी

Edited By: Sumit Kumar