देहरादून, राज्य ब्यूरो। विषम भूगोल वाले उत्तराखंड में आवासीय समस्या के निराकरण के मद्देनजर सरकार ने भवन निर्माण और विकास उपविधि-विनियम के मानकों में संशोधन कर जहां राज्य के शहरी, फुटहिल और पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के दरवाजे खोले हैं, वहीं बिल्डरों को भी राहत दी है। इसके जरिये पर्यटन, स्वास्थ्य, चिकित्सा व आवास को प्रोत्साहित करने के मद्देनजर कैबिनेट ने इन संशोधनों को मंजूरी दी है। 

पहली बार छह जिलों के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों के मध्य फुटहिल क्षेत्रों को परिभाषित किया जाएगा। यही नहीं कैबिनेट ने ग्रुप हाउसिंग, निर्बल वर्ग के लिए आवास योजना में भूमि के मानक, मॉल-मल्टीप्लेक्स, स्कूल, हॉस्टिपल माल आदि के लिए सड़क के मानकों में भी खासी राहत दे दी है। माना जा रहा कि इस पहल से राज्य में हर वर्ग के लिए आवासीय परियोजनाओं के क्षेत्र में बूम आएगा। 
जिन जिलों में फुटहिल क्षेत्रों को परिभाषित किया जाना है, उनमें देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा और चंपावत शामिल हैं। इस पहल के पीछे मंशा इन जिलों में पहाड़ की खूबसूरती को यथावत रखने के साथ ही अनियंत्रित निर्माण को नियंत्रित करना है। यानी, अब इन जिलों के फुटहिल क्षेत्रों में भवनों की अधिकतम ऊंचाई 21 रखने के साथ ही पहुंच मार्ग में भी छूट दी गई है। फुटहिल क्षेत्रों का निर्धारण जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण व स्थानीय विकास प्राधिकरण करेंगे। 
इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्र में ग्रुप हाउसिंग, सस्ते आवास, निर्बल आय वर्ग के लिए हाउसिंग प्रोजेक्ट, व्यावसायिक भवन, मॉल, मल्टीप्लेक्स, सर्विस अपार्टमेंट, वेडिंग प्वाइंट, होटल, मोटल, गेस्ट हाउस, स्कूल, अस्पताल आदि को भी भूमि, सड़क आदि के लिए नए मानक निर्धारित किए गए हैं। मैदानी क्षेत्रों को भी इसी प्रकार की रियायतें दी गई हैं। 
मानकों में संशोधन के मुख्य बिंदु 
पर्वतीय क्षेत्र
-ग्रुप हाउसिंग के लिए पूर्व में तय मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 7.5 मीटर को घटाकर 6.0 मीटर किया। 
-सस्ते आवास के लिए न्यूनतम भूमि क्षेत्रफल 4000 वर्ग मीटर से घटाकर 2000 वर्ग मीटर -निर्बल आय वर्ग के लिए बहुमंजिला आवास योजना को न्यूनतम क्षेत्रफल हजार वर्ग मीटर निर्धारित 
-एकल व्यावसायिक यूनिट व कार्यालय के लिए भूमि क्षेत्रफल की आवश्यकता 75 वर्ग मीटर से घटाकर 25 वर्ग मीटर की। इन्हें दो मीटर चौड़े पैदल मार्ग पर किया जाएगा अनुमन्य -मॉल विद सिंगल स्क्रीन के लिए 750 वर्ग मी भूमि अनुमन्य, जबकि मॉल विद मल्टीप्लेक्स को न्यूनतम भूमि अब 1000 वर्ग मीटर। 
-सर्विस अपार्टमेंट को 750 वर्ग मी. और वेडिंग प्वाइंट के लिए न्यूनतम भूमि क्षेत्रफल अब होगा 500 वर्ग मीटर 
-मोटल्स, गेस्ट हाउस के लिए क्रमश: 1000 व 250 वर्ग मीटर भूमि का न्यूनतम मानक। -हॉस्टल के लिए बनाई दो श्रेणियां। 50 से 100 बेड वाले हॉस्टल के लिए न्यूनतम भूमि का मानक 750 वर्ग मीटर होगा, जबकि 50 बेड तक पूर्व की व्यवस्थाएं रहेंगी लागू। 
मैदानी क्षेत्र 
-ग्रुप हाउसिंग व एफोर्डेबल हाउसिंग के लिए अब नौ मी. चौड़े मार्ग पर 12 मीटर, 10 मी. चौड़े मार्ग पर 16 मीटर, 11 मी. चौड़े मार्ग पर 20 मीटर और 12 मीटर चौड़े मार्ग पर 24 मीटर ऊंचाई का मानक। 
-सामूहिक आवास, बहुमंजिला आवास और मिश्रित परियोजनाओं में मार्ग की चौड़ाई 12 मीटर से अधिक होने पर प्रत्येक एक मीटर मार्ग चौड़ाई की वृद्धि दर पर भवन की ऊंचाई में एक मीटर की वृद्धि का प्रावधान। 
-भवन की ऊंचाई 30 मीटर से अधिक होने की स्थिति में आइआइटी और राष्ट्रीय भूगर्भीय संस्थान से एनओसी लेना होगा आवश्यक। 
-पूर्ण ईडब्ल्यूएस आवासीय बहुमंजिला परियोजना में न्यूनतम 2000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल निर्धारित 
-एकल व्यावसायिक यूनिट व कार्यालय के लिए भूमि की आवश्यकता का क्षेत्रफल अब 50 मीटर। इसके अलावा 2000 वर्ग मीटर के व्यावसायिक निर्माण में सड़क की चौड़ाई का मानक 15 मीटर प्रस्तावित 
-मॉल विद मल्टीप्लेक्स के लिए 1500 वर्ग मीटर, सर्विस अपार्टमेंट के लिए 750 वर्ग मीटर वेडिंग प्वाइंट को न्यूनतम भूमि क्षेत्रफल 1500 वर्ग मीटर। 
-ईको रिसॉर्ट के लिए न्यूनतम भूमि क्षेत्रफल अब 4000 वर्ग मीटर, गेस्ट हाउस के लिए 500 वर्ग मीटर, 50 से 100 बेड के होटल के लिए न्यूनतम 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल। 
पहाड़ में 400 और मैदान में 650 वर्ग मीटर में भी होटल
कैबिनेट ने होटल के लिए भूमि के मानकों में भी छूट दी है। पर्वतीय क्षेत्र होटल के लिए न्यूनतम भूमि क्षेत्रफल 750 वर्ग मीटर से घटाकर 400 वर्ग मीटर कर दिया गया है। इसी प्रकार मैदानी क्षेत्र में यह मानक 1000 वर्ग मीटर से घटाकर 650 किया गया है। इसके अलावा होटल के लिए नई श्रेणियां भी तय की गई है। एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) और भू-आच्छादन में भी स्टार ग्रेडिंग के आधार पर वृद्धि की गई है। 
पर्वतीय क्षेत्र में पांच सितारा डीलक्स होटल के लिए न्यूनतम क्षेत्र 1500 वर्ग मीटर व सड़क का मानक 7.5 मीटर, पांच सितारा व चार सितारा होटल के लिए न्यूनतम भूमि क्षेत्रफल 1000 वर्ग मीटर सड़क की चौड़ाई 6.0 मीटर अनुमन्य होगी। इसी तरह मैदानी क्षेत्र में पांच सितारा डीलक्स रेटिंग के होटल के लिए क्षेत्रफल 2000 वर्ग मीटर व सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर और पांच सितारा होटल के लिए 1500 वर्ग मीटर व चार सितारा होटल के लिए 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तय किया गया है। चार व पांच सितारा होटल के लिए सड़क की चौड़ाई छह मीटर रखी गई है। 
स्कूल और अस्पताल के लिए नए मानक 
राज्य में शिक्षण संस्थानों और अस्पताल भवनों के लिए भूमि के नए मानक तय कर दिए गए हैं। इसमें भूमि के क्षेत्रफल में भारी रियासत दी गई है। शिक्षण संस्थाओं के लिए पर्वतीय क्षेत्र में नर्सरी के लिए 200 वर्ग मीटर, प्राइमरी के लिए 1000, मिडिल स्कूल के लिए 2000, हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के लिए 6000 और विवि के लिए न्यूनतम 20 हजार वर्ग मीटर भूमि क्षेत्रफल निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार मैदानी क्षेत्रों के लिए भूमि का न्यूनतम मानक क्रमश: 400, 2000, 4000, 15000 व 75000 वर्ग मीटर तय किया गया है। 
अस्पतालों के लिए भी नए मानक तय किए गए हैं। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्र में लैब, क्लीनिक व डायग्नोस्टिक सेंटर को 150, मैटरनिटी होम्स, नर्सिग होम व डिस्पेंसरी को 500, 50 बेड तक के अस्पताल को 1500, 51 से 100 बेड तक 4000, 101 से 200 बेड तक 7000 और सिटी, जोनल व रीजनल स्तर के अस्पताल भवन के लिए 9000 वर्ग मीटर भूमि क्षेत्रफल का मानक निर्धारित किया गया है। 
इसी प्रकार इन श्रेणियों में मैदानी क्षेत्र के लिए नया प्रस्तावित भूमि क्षेत्रफल क्रमश: 300, 750, 2000, 5000, 8000 व 10000 वर्ग मीटर तय किया गया है। ये होंगे नए मानक सभी स्थानीय प्राधिकरण अपने क्षेत्रो में ऐसे क्षेत्रों का निर्धारण करेंगे, जिन्हें हाई राइज बिल्डिंग्स जोन घोषित किया जा सके। प्राधिकरण बोर्ड से अनुमोदन लेने के बाद मास्टर प्लान से ऐसे क्षेत्र चिह्नित करेंगे।
-होटल में एफएआर व्यावसायिक श्रेणी के अनुरूप होंगे। इसके अलावा चेन होटल के यदि कोई डिजाइन संबंधी मानक होंगे तो वे स्वत: ही प्रभावी होंगे। 
-भवन के अगले सेट बैक व तीन अन्य सेट बक में सर्कुलेशन क्षेत्र को छोड़ शेष क्षेत्र में लिफ्ट का निर्माण किया जा सकेगा, जिसकी गणना एफएआर में नहीं होगी। अलबत्ता, पार्किंग में इसकी गणना होगी।

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