देहरादून, राज्य ब्यूरो।  राज्य में एक जनवरी, 2006 को या उसके बाद पदोन्नत कार्मिकों को अब अपने से कनिष्ठ कार्मिकों से कम वेतन नहीं लेना पड़ेगा। राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को सीधी भर्ती से नियुक्त कनिष्ठ कार्मिकों का वेतन पदोन्नत कार्मिकों से अधिक होने की विसंगति दूर करने पर मुहर लगा दी। इससे करीब डेढ़ लाख से ज्यादा कार्मिकों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। लाभान्वित होने वालों में 1800 ग्रेड वेतन से लेकर 12,000 ग्रेड वेतन वाले कार्मिक शामिल हैं। वहीं सरकारी खजाने पर 250 करोड़ का सालाना बोझ बढ़ जाएगा। दरअसल, कार्मिकों के वेतन में उक्त विसंगति केंद्र सरकार की व्यवस्था के मुताबिक बनी हुई थी। तकरीबन छह माह पहले केंद्र सरकार ने उक्त विसंगति दूर कर दी थी। राज्य सरकार इस विसंगति को दूर करने को आदेश जारी कर चुकी है। सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में उक्त प्रस्ताव पर कार्योत्तर अनुमति ली गई। सरकार ने 13 फरवरी, 2009 को आदेश जारी कर एक जनवरी, 2006 या उसके बाद सीधी भर्ती से नियुक्त कार्मिकों के लिए विभिन्न वेतन बैंड में ग्रेड वेतन के आधार पर न्यूनतम वेतन निर्धारित करने की व्यवस्था की थी। इसके आधार पर सीधी भर्ती से नियुक्त कनिष्ठ कार्मिकों को न्यूनतम वेतन प्रोन्नति से नियुक्त वरिष्ठ कार्मिकों से अधिक हो गया था। इसे लेकर कर्मचारियों के साथ ही शिक्षकों में भारी रोष था। सरकार ने अब आदेश जारी कर उक्त विसंगति दूर कर दी है। काबीना मंत्री व सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि पदोन्नत कार्मिकों का वेतन कम निर्धारित होने की स्थिति में अब कनिष्ठ कार्मिकों को देय न्यूनतम वेतन से कम नहीं होगा। उक्त लाभ ऐसे पदोन्नत कार्मिकों को उनकी पदोन्नति की तिथि से नोशनली एवं इस संबंध में शासनादेश जारी होने की तिथि से वास्तविक रूप से अनुमन्य होगा। एक जनवरी, 2016 से 31 दिसंबर, 2015 के बीच सेवानिवृत्त अथवा मृतक कार्मिकों की पेंशन या पारिवारिक पेंशन का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। उक्त लाभ अन्य सेवा लाभों में ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, राशिकरण के पुनर्निर्धारण में उक्त सुविधा का लाभ मंजूर नहीं किया जाएगा।

पदोन्नत कार्मिकों के वेतन में यूं होगा इजाफा
ग्रेड वेतन,   वेतन में इजाफा (रुपये)
1800,        330
1900,        50
4600,       1320
4800,       600
7600,       420
10000,     1700
12000,      4750

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