जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: मानसून के आगमन एवं गंगा दशहरा पर्व के मौके पर नगर निगम महापौर ने देहरादून रोड़ स्थित जंगलात बैरियर पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर महापौर ने प्रत्येक व्यक्ति से पांच-पांच पौधे लगाने और उनकी अपने बच्चे की तरह संरक्षित करने की अपील की है। महापौर ने कहा कि आक्सीजन के बगैर जीवन की कल्पना संभव नहीं है।

कोविड के संक्रमण ने इसका एहसास करा दिया है। यह हम सब के लिए नसीहत है कि हम प्रकृति की रक्षा करें और इसका संव‌र्द्धन करें। उन्होंने कहा कि पौधा रोपित करने तक हमारी जिम्मेदारियां खत्म नहीं हो जाती। पौधों का संरक्षण करना भी जरूरी है। महापौर अनीता ममगाईं ने कहा कि हम विकास की बात तो करते हैं, लेकिन निजी स्वार्थ के चलते जो प्राकृतिक विनाश हुआ है, उसका खमियाजा आज संपूर्ण मानव जाति को वैश्विक महामारी कोरोना के रूप में उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल ने सबको आक्सीजन की कीमत का अहसास कराने का काम किया है।उन्होंने बताया कि निगम के तमाम क्षेत्रों में वृहद स्तर पर पौधरोपण की मुहिम चलाई जायेगी जिसमें तमाम सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र सिंह रावत मौजूद रहे।

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कस्तूरी संस्था ने बांटी राशन किट

 भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की पत्नी और महिला अधिकारियों की ओर से संचालित कस्तूरी संस्था कोरोनाकाल में जरूरतमंदों की सेवा कर रही है। इसी क्रम में संस्था की ओर से शनिवार को मालदेवता पौधशाला में टिहरी के जौनपुर ब्लाक की सात वन पंचायतों के जरूरतमंद परिवारों को राशन किट उपलब्ध कराई।

संस्था की अध्यक्ष शर्मिला भरतरी ने बताया कि वन पंचायत सौंदणा, तौलियाकाटल, दडक, चिपलटी, रगडगांव, हटवालगांव और कुंड के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन किट दी गई। उन्होंने कहा कि इस विपदा की परिस्थिति में सभी को यथासंभव मदद के लिए आगे आना चाहिए। वहीं संस्था से जुड़़ी महिलाओं ने ग्रामीणों से संवाद कर बच्चों की पढ़ाई, असहाय परिवार की आजीविका संबंधी परेशानी के निस्तारण के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्र पंचायतों से आए सरपंच और ग्रामीणों ने संस्था की ओर से किए जा रहे कार्य की सराहना की। इस मौके पर मसूरी वन प्रभाग की प्रभागीय वनाधिकारी कहकशां नसीम, नीना ग्रेवाल, नीलिमा शाह आदि मौजूद रहे।

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Edited By: Sumit Kumar