देहरादून, [जेएनएन]: प्रदेश के सहकारी कैडर सचिव व आंकिकों के आंदोलन पर जाने से सहकारिता विभाग का करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है। ग्र्रामीण क्षेत्रों में स्थित ग्रामीण बचत केंद्र (मिनी बैंक) में ऋण वितरण, ऋण वसूली समेत कई योजनाएं बाधित हैं। 22 दिनों से चल रहे आंदोलन के चलते विभाग को करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।

दरअसल, 19 फरवरी से सहकारी साधन सचिव समिति के बैनर तले प्रदेशभर से कैडर सचिव व आंकिक धरने पर हैं। प्रदेशभर में 759 सहकारी समितियां हैं। इनमें 70 फीसद से ज्यादा आंदोलन पर हैं। ये समितियां ग्र्रामीण क्षेत्रों के ग्रामीण बचत केंद्र (मिनी बैंक) का संचालन करती हैं और समस्त ऋण वितरण, वसूली का कार्य देखती हैं। इसके अलावा किसानों के क्रेडिट कार्ड, खाद एवं उर्वरक वितरण जैसी कई कृषक संबंधी योजनाएं बाधित हो रही हैं। इससे कई जनपदों में किसानों को खेती के लिए बीज, उर्वरक वितरण नहीं हो पा रहा है। 

किसान को नहीं मिल रहा खाद एवं उर्वरक

 योजनाएं बाधित होने से किसान को समय से खाद एवं उर्वरक वितरण नहीं हो पा रहा है। समय पर वितरण न होने से किसानों की फसल भी प्रभावित हो रही है। 

ये कार्य हो रहे बाधित

-ऋण वितरण एवं वसूली

-पं. दीन दयाल योजना

-खाद एवं उर्वरक वितरण

-ग्रामीण बचत केंद्रों का संचालन

-नाबार्ड की योजना

-संयुक्त एवं सहकारी खेती योजना

विभाग ने अपनाया सख्त रूख

सहकारिता निबंधक बीएम मिश्र ने विभाग के प्रभावित हो रहे कारोबार को देखते हुए आंदोलन पर गए कैडर सचिवों व आंकिकों पर सख्ती के आदेश दिए हैं। इसमें आंदोलनरत सचिवों व आंकिकों का कार्यभार अपर जिला सहकारी अधिकारी, सहकारी निरीक्षक, सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता), राजकीय पर्यवेक्षकों को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। 

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Posted By: Sunil Negi