जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने परिवहन कंपनियों की बसों में यात्रियों की संख्या को लेकर कुछ बंदिश लगाई थी। बीते दिनों शासन ने शत-प्रतिशत सवारी पर बस संचालन की छूट जारी कर दी थी, जिसके बाद सोमवार से पर्वतीय मार्गों पर निजी बसों का संचालन फिर से शुरू हो गया। इन रूट पर चलने वाले दैनिक यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिली है।

पर्वतीय मार्गों पर संचालित होने वाली बसों से संबंधित परिवहन कंपनियों ने मई के प्रथम सप्ताह से बसों का संचालन बंद कर दिया था। यह सभी शत प्रतिशत सवारी ले जाने और निजी बसों का किराया परिवहन निगम के समान करने की मांग कर रहे थे। सरकार की ओर से गाइडलाइन में सवारी को लेकर प्रतिबंध हटा दिया गया है। संयुक्त रोटेशन व्यवस्था के अंतर्गत टीजीएमओ और यातायात परिवहन कंपनियों की बसें पर्वतीय मार्ग पर संचालित होती है। संयुक्त रोटेशन के अध्यक्ष प्रेम सिंह बिष्ट ने बताया कि तीन दिन पूर्व कंपनी संचालकों की बैठक में बसों का संचालन सोमवार से शुरू करने का निर्णय लिया गया था।

इसके बाद पर्वतीय मार्गों पर सोमवार से बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। पहले दिन कंपनियों की कुल सेवाओं में से 10 प्रतिशत सेवाओं का ही संचालन हो पाया। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से कोरोना के कारण परिवहन व्यवसाय से जुड़े तमाम लोग जो प्रभावित हुए हैं, उन्हें आर्थिक सहायता दिए जाने को लेकर परिवहन कंपनियों की मांग को भी जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में अब सौ प्रतिशत यात्री क्षमता से चलेंगे वाहन, जानें- परिवहन विभाग की पूरी एसओपी

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

Edited By: Raksha Panthri