जागरण संवाददाता, देहरादून: जिस मंशा के साथ राज्य सरकार ने प्रदेश में 11 जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों का गठन किया, उसे साकार करने के लिए आवास एवं शहरी विकास सेक्टर में 733.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। खासकर जिला स्तरीय प्राधिकरणों में मास्टर प्लान बनाने के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए किए गए वित्तीय प्रावधान के बाद सभी विकास प्राधिकरणों के जीआइएस आधारित बेस मैप बनाने के कार्य में भी तेजी आ पाएगी। इस कड़ी में मॉडल बिल्डिंग बायलॉज साथ ही मानव संसाधन का भी पर्याप्त संख्या में इंतजाम हो पाएगा। यह बजट ऐसे समय में पारित हुआ है, जब रियल एस्टेट सेक्टर को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए रेरा अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की जा चुकी है और कार्यालय आदि संसाधन जुटाने के लिए बजट की भी दरकार थंी। नए वित्तीय वर्ष में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी बजट मिलने के बाद सुचारू रूप से काम करने लगेगी। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्ष 2022 तक राज्य को 34 हजार सस्ते आवासों का भी निर्माण करना है और सब्सिडी के रूप में राज्य को प्रति लाभार्थी 1.5 लाख रुपये अदा करने हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगला वित्तीय वर्ष आवास योजना के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। दूसरी तरफ, शहरी विकास से संबंधित स्वच्छता संबंधी योजनाएं, अमृत योजना को भी बल मिलेगा।

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