आदि बदरी चढ़ावे की गणना के लिए बीकेटीसी बनाएगी नई एसओपी, पारदर्शिता पर जोर
श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक में मंदिरों में चढ़ावे की गणना को पारदर्शी बनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने का निर्णय लिया गया।


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जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक में मंदिरों में चढ़ावे की गणना पारदर्शी तरीके से करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने का निर्णय लिया गया।
चमोली जिले के आदि बदरी मंदिर के मामले में समिति परीक्षण के बाद आगे निर्णय लेगी। रुद्रप्रयाग जिले के श्री त्रिजुगीनारायण मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनीं।
शनिवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय सभागार में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। पिछली बैठक की कार्यवाही की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा के बाद नए एजेंडे पर चर्चा की गई।
मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बैठक का एजेंडा रखा। इसमें द्वितीय चरण की यात्रा व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त किए जाने, मंदिर गुप्तकाशी शोणितपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय का समिति के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्ती के नाम से रखे जाने, वेबसाइट का आधुनिकीकरण, यात्रा एसओपी, अधीनस्थ मंदिरों में सीसीटीवी व्यवस्था पुख्ता करने, चढावे के गणना कार्य को अधिक पारदर्शी करने, श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के जीर्णोद्धार के द्वितीय चरण के कार्य किए जाने, श्री तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार, श्री त्रिजुगीनारायण मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि आदि बदरी मंदिर को समिति के सुपुर्द करने के लिए स्थानीय कमेटी का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में आया था। जिसका परीक्षण कराया जा रहा है। चढ़ावा गणना के लिए एसओपी तैयार की जाएगी।
यह प्रस्ताव भी हुए पास
बोर्ड बैठक में अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण और समान कार्य समान वेतन पर, स्थायी कर्मचारियों की पदोन्नति, असमय दिवंगत अस्थायी कर्मचारियों को आर्थिक सहायता, बिना स्थायी हुए कार्मिकों के अधिवर्षता आयु पूरी होने पर एकमुश्त राशि दिये जाने, हकहकूकधारियों, दस्तूरधारियों, बाजीगरों के आवेदनों, दस्तूर आदि पर विचार, भीड़ प्रबंधन के लिए विषय विशेषज्ञों से सहायता, कर्मचारी सेवा नियमावली में सुधार, वेद संस्कृत महाविद्यालय खुलवाने का प्रस्ताव भी चर्चा के बाद पारित किया गया।
पिछले साल के तुलना में अब तक बीस फीसदी अधिक यात्री आए
बैठक को संबोधित करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देश में साल 2026 की चारधाम सहित श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ यात्रा ऐतिहासिक रही है। द्वितीय चरण की यात्रा शुरू हो रही है।
बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी ने कहा कि अभी तक 50 लाख से अधिक तीर्थ यात्रियों ने श्री हेमकुंड साहिब सहित चारधाम के दर्शन किए हैं। 32 लाख से अधिक रिकार्ड तीर्थ यात्री बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। 60 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके है। दोनों धामों से 76 करोड़ से अधिक आय प्राप्त हुई है। बताया कि अब तक पिछले वर्ष की तुलना में बीस फीसदी अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके है, जबकि अभी कपाट बंद होने में करीब दो माह का समय शेष है।
चढ़ावा चोरी का आया था मामला सामने
बदरीनाथ में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। इस मामले में कुछ गिरफ्तारी भी हुई थी। मामले में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट बीकेटीसी को मिलनी है। एसओपी के लिए बीकेटीसी ने तैयारी शुरू कर दी है। इसमें सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के साथ ही गणना में लगे कर्मियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनकर गणना स्थल पर जाने आदि को एसओपी में शामिल किया जाएगा।
यह रहे बैठक में मौजूद
बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य नीलम पुरी, राजपाल सिंह जड़धारी, महेंद्र शर्मा, दिनेश डोभाल, विनीत पोस्ती, प्रहलाद पुष्पवान, देवी प्रसाद देवली, राजेंद्र डिमरी, धीरज पंचभैया ,राकेश भंडारी, कमला बग्वाड़ी, जेपी सेमवाल, राजकुमार तिवारी, रजनीश भट्ट सहित मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़,वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, एसएस बर्त्वाल, नोडल अधिकारी राकेश सेमवाल, डा. हरीश गौड़, अतुल डिमरी, संजय भट्ट,विश्वनाथ दीपेंद्र रावत आदि।
