देहरादून, राज्य ब्यूरो। हरिद्वार जिले के अंतर्गत ज्वालापुर क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेश राठौर ने सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो के मामले में पार्टी नेतृत्व को सफाई दी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के अनुसार विधायक ने अपने स्पष्टीकरण में साफ किया कि वीडियो में उनकी बातों को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि विधायक के स्पष्टीकरण के बाद मामले में जांच की आवश्यकता नहीं है।

विधायक सुरेश राठौर ने सोमवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में एक सड़क का शिलान्यास किया। इसके बाद कार्यक्रम के दौरान उनके संबोधन को लेकर उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ। इसमें विधायक द्वारा क्षेत्र के एक गांव को पाकिस्तान बताया गया। इस वीडियो ने भाजपा को असहज कर दिया। पार्टी नेतृत्व ने विधायक से स्पष्टीकरण मांगा।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने बताया कि विधायक राठौर ने फोन कर अपना स्पष्टीकरण दे दिया है। भट्ट के मुताबिक विधायक राठौर ने स्पष्ट किया है कि उनके भाषण को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। विधायक का कहना है कि उनके द्वारा कहा गया कि क्षेत्र का एक गांव पाकिस्तान जैसा कहा जाता था। वहां से उन्हें 1800 वोट मिले जो कि एक रिकॉर्ड है। इसके लिए उन्होंने गांव की जनता के प्रति आभार जताया था।

विधायक काऊ को अब जबरदस्ती थमाया नोटिस

विधायक ऑडियो प्रकरण में भाजपा की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस आखिरकार दो दिन बाद उन्हें मिल ही गया। विधायक की ओर से नोटिस न मिलने की बात कहे जाने के बाद पार्टी ने विशेष वाहक भेज विधायक के कार्यालय में नोटिस हस्तगत कराया। 

विधायक काऊ ने भी अब नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि तीन दिन के भीतर इसका जवाब देने के साथ ही वह पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान जिला पंचायत सदस्य की अस्थल सीट (रायपुर ब्लाक) से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हुए विधायक काऊ के ऑडियो को लेकर वह इन दिनों चर्चा में हैं। 

रायपुर क्षेत्र में पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद यह ऑडियो सोशल मीडिया से हट भी गया। अलबत्ता, भाजपा नेतृत्व ने ऑडियो प्रकरण को अनुशासनहीनता मानते हुए विधायक काऊ को रविवार शाम को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसमें उन्हें तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया। 

पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व का कहना था कि यह नोटिस जिलाध्यक्ष के माध्यम से विधायक को भेजा गया है। साथ ही उन्हें मेल किया गया है। वहीं, विधायक लगातार यह कहते रहे कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है। हालांकि, रविवार शाम को नोटिस जारी होने के साथ ही यह सोशल मीडिया पर छा गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा था कि आखिर नोटिस गया तो गया कहां। फिर जिस नोटिस का जवाब तीन दिन में देना था, उसे विधायक तक पहुंचने में दो दिन लग गए।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में अपने ही विधायक बढ़ा रहे भाजपा सरकार की मुश्किलें

इस परिदृश्य के बीचभाजपा के प्रांतीय कार्यालय से विशेष वाहक भेजकर विधायक काऊ के कार्यालय में नोटिस थमाया गया। विधायक ने भी अब नोटिस मिलने की पुष्टि की। वहीं, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं प्रदेश कार्यालय प्रभारी राजेंद्र भंडारी ने बताया कि विधायक को फोन करके भी उनके कार्यालय में नोटिस हस्तगत किए जाने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि अब विधायक को नोटिस प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करना है।

यह भी पढ़ें: ऑडियो प्रकरण: भाजपा विधायक काऊ की मुश्किलें और बढ़ी, पढ़ि‍ए पूरी खबर

Posted By: Bhanu

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप