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देहरादून भाजपा नेता हत्याकांड: उपद्रवियों पर पुलिस का शिकंजा, 150 पर केस दर्ज

Published: Mon, 15 Jun 2026 03:54 PM (IST)

भाजपा नेता विनोद कश्यप हत्याकांड के बाद विकासनगर में भड़की भीड़ पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। आगजनी और पथराव ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. भाजपा नेता हत्याकांड के बाद भड़की भीड़ पर कार्रवाई।

  2. 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज।

  3. पुलिस वीडियो फुटेज खंगालकर उपद्रवियों की पहचान में जुटी।

जागरण संवाददाता, विकासनगर (देहरादून)। भाजपा नेता विनोद कश्यप हत्याकांड के बाद भड़की भीड़ का आगजनी और पथराव करना अब उसके लिए मुसीबत बनती नजर आ रही है।

हत्यारोपितों के घरों में तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस पर पथराव के मामले में सहसपुर पुलिस ने 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस ने घटनाक्रम के वीडियो फुटेज खंगालते हुए उपद्रवियों की पहचान का अभियान भी शुरू कर दिया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद बवाल में शामिल लोगों में बेचैनी बढ़ गई है।

सहसपुर कोतवाली में वरिष्ठ उप निरीक्षक मनमोहन सिंह नेगी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार 14 जून को प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह रावत पुलिस बल के साथ हत्याकांड के आरोपितों की तलाश व गिरफ्तारी के लिए बैरागीवाला पहुंचे थे।

उस समय मृतक विनोद कश्यप के घर के बाहर 100 से 150 लोगों की भीड़ जमा थी और माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ था।

मौके पर उपजिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, तहसीलदार विवेक राजोरी, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार, विवेक कुटियाल, एसपी देहात पंकज गैरोला समेत बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कानून-व्यवस्था संभालने में जुटे थे।

चूंकि, मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील था, इसलिए पुलिस लगातार लोगों से संयम बरतने और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील कर रही थी।

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस और प्रशासन के समझाने के बावजूद भीड़ उग्र हो गई। प्रदर्शनकारी हत्यारोपितों को तत्काल सार्वजनिक दंड देने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे।

आरोप है कि सुबह करीब 11 बजे से दोपहर दो बजे के बीच भीड़ ने आरोपित मासूम के घर का घेराव किया।

आसपास के खेतों व अन्य स्थानों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर कई बार पथराव किया। पथराव में थानाध्यक्ष प्रेमनगर नरेश राठौर, हेड कांस्टेबल प्रवेंद्र कुमार और कांस्टेबल विकास त्यागी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

अलग-अलग समूहों में थी भीड़

दर्ज मुकदमे में आरोप है कि भीड़ ने अलग-अलग समूहों में बंटकर हत्यारोपितों के घरों पर धावा बोल दिया। मकानों में तोड़फोड़ की गई, घरेलू सामान क्षतिग्रस्त किया गया और घरों के बाहर खड़े ट्रैक्टर व मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार आगजनी और तोड़फोड़ से आरोपितों की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा और पूरे क्षेत्र में भय व तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय संभ्रांत लोगों के माध्यम से भीड़ को शांत कराने के प्रयास भी विफल रहे।

इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए लाठी फटकारकर भीड़ को तितर-बितर किया और हालात पर नियंत्रण पाया।

वीडियो रिकार्डिंग से चल रही तलाश

पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकार्डिंग पुलिस कर्मियों ने कैमरों और मोबाइल फोन से की है। अब इन्हीं फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

पुलिस ने बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, लोक सेवकों पर हमला, पथराव, आगजनी, तोड़फोड़ और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं में 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में चिह्नित होने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उपद्रव में शामिल सभी लोगों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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