राज्य ब्यूरो, देहरादून। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के दृष्टि पत्र के लिए प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों से जनता के 78610 सुझाव आए हैं। पार्टी ने इस सिलसिले में विधानसभा क्षेत्रों में एलईडी लगे जनसुझाव रथ भेजे थे। इनमें लगी 120 जनसुझाव पेटिकाओं में 51279 सुझाव आए, जबकि 27331 सुझाव आनलाइन पार्टी को मिले। सभी क्षेत्रों से जनसुझाव एकत्रीकरण अभियान पूर्ण होने पर शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में ये सभी सुझाव पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी की चुनाव घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष रमेश पोखरियाल निशंक को सौंप दिए गए। इस अवसर पर निशंक ने कहा कि पार्टी का दृष्टि पत्र अद्भुत और यह जनता के लिए जनता का दृष्टि पथ होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा कि पार्टी ने आमजन की सहभागिता के अनुरूप अपना दृष्टि पत्र बनाने का संकल्प लिया। पार्टी ने अब तक जो कहा, सदैव किया। इसीलिए प्रदेश के आखिरी छोर तक जनसुझाव रथ गए और सुझाव लेकर आए। प्रदेश का कोई व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि भाजपा का दृष्टि पत्र उसके सुझाव के अनुरूप नहीं बना है। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, किसान, श्रमिक, मजदूर सभी वर्गों के सुझावों का विश्लेषण और परामर्श कर दृष्टि पत्र बनाया जाएगा।

निशंक ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड बनाया और अब उसे संवारने के लिए हम सब संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और वह इसे प्रदर्शित भी करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की अगुआई में प्रदेश को अब तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं मिल चुकी हैं। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख भी किया।

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रणाली को अपनाते हुए कार्य कर रही है। आमजन की भावना के अनुरूप पार्टी छह माह और प्रति वर्ष अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखती है। कार्यक्रम के दौरान लघु एवं सूक्ष्म उद्योग से जुड़े व्यक्तियों ने उत्तराखंड को स्मार्ट बनाने संबंधी सुझाव दिए। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल, वरिष्ठ नेता ज्योति प्रसाद गैरोला, दृष्टि पत्र समिति के सदस्य प्रो.कुलश्रेष्ठ, प्रदेश उपाध्यक्ष डा देवेंद्र भसीन, प्रदेश प्रवक्ता बिपिन कैंथोला, विनोद सुयाल आदि उपस्थित थे।

Edited By: Sunil Negi