ऋण चुकाने के लिए विधवा को बैंक कर रहा था परेशान, प्रशासन ने बीमा कंपनी की 8.11 लाख की काटी आरसी
देहरादून में, पति की मृत्यु के बाद एक विधवा को ऋण चुकाने के लिए परेशान करने पर जिला प्रशासन ने एचडीएफसी एर्गो जीआइसी लिमिटेड पर 8.11 लाख रुपये की आरसी काटी। जिलाधिकारी ने कंपनी को पांच दिन में ऋण माफ करने की चेतावनी दी, अन्यथा संपत्ति कुर्क की जाएगी। यह कार्रवाई बीमित ऋण होने के बावजूद महिला को प्रताड़ित करने के कारण की गई।

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, देहरादून : पति की मृत्यु के बाद विधवा महिला को ऋण चुकाने के लिए परेशान कर रहे एचडीएफसी एर्गो जीआइसी लिमिटेड पर कार्रवाई करते हुए जिला-प्रशासन ने कंपनी की 8.11 लाख रुपये की आरसी काट दी है।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर हुई कार्रवाई में बीमा कंपनी को चेतावनी दी गई कि अगर पांच दिन में ऋण माफ नहीं किया तो कंपनी की संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। बीमित ऋण होने के बाद भी कंपनी की ओर से नौ वर्षीय मासूम बेटी की विधवा मां सुप्रिया को प्रताड़ित किया जा रहा था।
सुप्रिया नौटियाल की ओर से 15 नवंबर को जनता दरबार में जिलाधिकारी सविन बंसल से शिकायत की गई थी उनके दिवंगत पति प्रदीप रतूड़ी ने वाहन खरीदने को एचडीएफसी बैंक से 8.11 लाख रुपये का ऋण लिया था।
बैंक की ओर से बताया गया कि ऋण के लिए बीमा कराना अनिवार्य प्रक्रिया है। इस पर उनके पति ने ऋण का बीमा एचडीएफसी एर्गो जीआइसी लिमिटेड कंपनी से करा लिया।
आरोप है कि बीमा संबंधी दस्तावेज कभी भी डाक या कुरियर के माध्यम से भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए। आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद सुप्रिया पर एचडीएफसी बैंक की ओर से 8.11 लाख रुपये का ऋण चुकाने का दबाव बनाया जा रहा है।
ऋण न चुकाने की स्थिति में वाहन को उठा ले जाने की धमकी दी जा रही है। सुप्रिया ने जब बैंक से ऋण का बीमा होने की बात कही तो बैंक ने मामला बीमा कंपनी की तरफ धकेल दिया।
बीमित ऋण होने के बाद भी विधवा सुप्रिया को किया प्रताड़ित करने पर वाली एचडीएफसी आरगो जीआइसी लिमिटेड कंपनी की जिलाधिकारी ने 8.11 लाख की आरसी काटते हुए चेतावनी दी कि अगर पांच दिन में ऋण माफी की गई तो कंपनी की संपत्ति कुर्क कर नीलाम कर दी जाएगी।
बीमा धोखाधड़ी के अंतर्गत एचडीएफसी आरगो जीआइसी की आरसी काटी गई है। जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर को 8.11 लाख रुपये की वसूली एनसीआर डेवलपर्स, 24ए न्यू कैन्टोनमेंट रोड विजय कालोनी स्थित एचडीएफसी आरगो जीआइसी लिमिटेड से करने के निर्देश दिए हैं।
कई अन्य बैंक की रडार पर
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि कई अन्य बैंक भी उनके रडार पर हैं, जो बीमित ऋण होने के बाद भी जनता को प्रताड़ित कर रहे हैं।
ऋण बीमा धोखाधड़ी के कई मामले जिलाधिकारी के पास पहुंच रहे हैं, जिनमें संबंधित बैंक या कंपनी की संपत्ति कुर्क करने और ताला लगाने की कार्रवाई की जा रही। बढते ऋण धोखाधड़ी के मामलों पर जिलाधिकारी ने बैंक व फाइनेंस कंपनियों को सुधार लाने की चेतावनी दी है।

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