जागरण संवाददाता, देहरादून: शहर में प्लास्टिक व सिगल यूज प्लास्टिक पर लगे प्रतिबंध का व्यापारियों ने समर्थन किया है, लेकिन चेतावनी भी दी कि इसकी आड़ में उनका उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा। गत एक जुलाई से केंद्र और राज्य सरकार के आदेश पर पालीथिन व सिगल यूज प्लास्टिक की सामग्री पर प्रतिबंध लग चुका है और नगर निगम इसका उपयोग करने वालों पर सख्ती कर रहा। इसी क्रम में मंगलवार को निगम में महापौर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त मनुज गोयल की अध्यक्षता में शहर के व्यापारियों की बैठक बुलाई गई। जिसमें व्यापारियों को प्रतिबंधित सामान के बारे में जानकारी दी गई।

दून उद्योग व्यापार मंडल और दून वैली व्यापार मंडल से जुड़े दर्जनों व्यापारी बैठक में मौजूद रहे। सभी व्यापारियों ने सिगल यूज प्लास्टिक के कारण व्यापार में आ रही परेशानी पर अपना पक्ष रखा। कहा कि जो प्लास्टिक सामग्री प्रतिबंध के दायरे में आ रही, उस पर कार्रवाई ठीक है, मगर उसकी आड़ में व्यापारियों को परेशान किए जाने की शिकायत भी मिल रही है। बैठक में दून उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक अनिल गोयल ने कहा कि व्यापारी हमेशा से राज्य सरकार समेत नगर निगम के हर निर्णय में साथ रहे हैं और रहेंगे, लेकिन नगर निगम को व्यापारियों के साथ समन्वय बनाकर ही कोई नियम लागू करना चाहिए। दून उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया ने कहा कि सिगल यूज प्लास्टिक को लेकर जो आदेश आया है, उस आदेश के व्यापारी समर्थन करते हैं।

दून उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कहा कि नियम लागू करना सही कदम है, मगर जिन व्यापारियों के पास पुराना स्टाक पड़ा है, उन पर कार्रवाई न की जाए। निगम की कार्रवाई से व्यापारियों में भय व्याप्त है। इस दौरान महासचिव सुनील मैसोन, मोहित भाटिया, दीपक गुप्ता, देवेंद्र भल्ला, विजय कोहली, राजेश बडोनी, सुनील माटा, पंकज मैसोन और कमलेश अग्रवाल आदि मौजूद रहे। महापौर गामा ने कहा कि जल्द ही इस संबंध में दोबारा बैठक बुलाई जाएगी। साथ ही व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होगा। इन वस्तुओं पर लगा प्रतिबंध

- पानी की बोतल. 200 एमएल से कम क्षमता की पानी की बोतल।

- पानी के पाउच: आपने अक्सर कई समारोह में पानी के पाउच देखें होंगे। अब बाजार ने ऐसे पाउच की बिक्री नहीं की जा सकती।

- पालीथिन/प्लास्टिक बैग: सभी तरह के पाली बैग प्रतिबंधित हैं। इन बैग में हैंडल और बिना हैंडल वाले दोनों तरह के बैग शामिल हैं।

- डिस्पोजेबल आइटम: प्लास्टिक की प्लेट, गिलास, कप, चम्मच, कांटे प्रतिबंधित किए गए हैं। इसमें थर्माकोल से बनी वस्तुएं भी शामिल हैं।

- प्लास्टिक के डिब्बे/स्ट्रा: होटल/रेस्तरां में अब भोजन के लिए प्लास्टिक के डिब्बों का प्रयोग नहीं किया जा सकता। साथ ही प्लास्टिक के स्ट्रा भी प्रतिबंधित हैं।

- सजावटी उपयोग के प्लास्टिक: विभिन्न गिफ्ट आइटम में प्रयोग होने वाले सजावटी आइटम, फूल-माला वाले प्लास्टिक और थर्माकोल पर प्रतिबंध लागू होगा। ये प्लास्टिक प्रतिबंध से बाहर

- कार्टन की पैकिग में प्रयुक्त: विभिन्न इलेक्ट्रानिक व अन्य उत्पादों के गत्ते के कार्टन के भीतर सुरक्षा के लिए प्रयुक्त प्लास्टिक पर प्रतिबंध नहीं रहेगा।

- दुग्ध पैकिग: जिन दुग्ध उत्पादों की पैकिग दूध व अन्य दुग्ध उत्पादों में की जाती है, वह भी इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे। पैकेट में 75 माइक्रोन व इससे अधिक मोटाई की प्लास्टिक होनी चाहिए। साथ ही इसमें बाई बैक (वापसी की खरीद) की राशि दर्ज होनी चाहिए।

- चिकित्सा उपयोग के प्लास्टिक: दवाओं की पैकिग, ग्लूकोज की बोतल व अन्य दवा उत्पादों में प्रयुक्त होने वाली प्लास्टिक पर प्रतिबंध का नियम लागू नहीं होगा।

- थर्माकोल: ऐसे थर्माकोल के डिब्बे, जिनमें मछलियों को लाया-ले जाया जाता है, वह प्रयोग में रहेंगे।

- स्टेशनरी में प्लास्टिक: रिसाइकल होने वाले ऐसे प्लास्टिक, जो कार्यालय व शिक्षण संस्थानों की स्टेशनरी के रूप में प्रयोग किए जा रहे हैं, उन पर प्रतिबंध नहीं रहेगा।

- मल्टीलेयर प्लास्टिक: चिप्स, कुरकुरे, बिस्कुट, नूडल्स आदि की पैकिग वाले मल्टीलेयर प्लास्टिक भी प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।

- घरेलू उपयोग के प्लास्टिक: प्लास्टिक के बर्तन, डस्टबिन, पानी की बोतल समेत घरेलू उपयोग (खाद्य पदार्थों समेत) वाले प्लास्टिक पहले की तरह चलन में रहेंगे।

- दाल, चावल आदि की पैकिग: तमाम डिपार्टमेंट या अन्य स्टोर आदि में दाल, चावल, मसाले, पापड़, बेकरी उत्पाद समेत तमाम वस्तुएं प्लास्टिक की पैकिग में आ रही हैं। इन्हें इस शर्त के साथ के छूट दी जा रही है कि इनकी मोटाई 75 माइक्रोन से अधिक होनी चाहिए। साथ ही ऐसे पैकेट में बाई बैक की राशि भी दर्ज होनी चाहिए।

- उत्पादों की पैकिग: तमाम बड़े उत्पादों की पैकिग में प्रयुक्त होने वाले प्लास्टिक व थर्माकोल को इस शर्त के साथ छूट मिलेगी कि उनमें कम से कम 20 फीसद मटीरियल रिसाइकल युक्त हो और उनकी मोटाई 75 माइक्रोन से अधिक हो।

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