राज्य ब्यूरो, देहरादून: प्रदेश को आयुष प्रदेश बनाने और निवेशकों की राह खोलने के लिए सरकार ने आकर्षक आयुष नियमावली बनाई है। इसमें आयुष से संबंधित कुछ चीजों को उद्योग का दर्जा दिया गया है। इतना ही नहीं इनमें निवेश करने वालों को एमएसएमई व केंद्र से मिलने वाली छूट से इतर प्रदेश सरकार की तरफ से भी दस फीसद अथवा पर्वतीय क्षेत्र में अधिकतम 1.5 करोड़ व मैदानी क्षेत्र में एक करोड़ की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी।

प्रदेश सरकार ने अक्टूबर में होने वाली इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 12 क्षेत्र चुने हैं। इनमें एक आयुष भी है। सरकार इसमें काफी निवेशकों के आने की संभावना जता रही है। इसके लिए प्रदेश में अब आयुष नीति बनाई गई है। इस नीति के तहत आयुष ग्राम, उद्योग ग्राम, आयुष सेंटर, 50 बिस्तरों का अस्पताल, होम स्टे व वेलनेस सेंटर को उद्योग का दर्जा दिया गया है। इससे निवेशकों के लिए राह आसान होगी। विशेष यह कि इस नीति के तहत निवेश करने वालों को काफी लाभ होगा। निवेशक को सूक्ष्म, मध्यम व लघु उद्योग नीति के साथ ही केंद्र द्वारा मिलने वाली आर्थिक सहायता तो प्राप्त होगी ही, प्रदेश सरकार भी इसमें अलग से सहायता देगी। इसके तहत कुल निवेश की जाने वाली राशि का दस प्रतिशत अथवा अधिकतम डेढ़ करोड़ रुपये की सहायता निवेशकों को दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए कुछ नियम व शर्ते भी जोड़ी गई हैं। सरकार उम्मीद जता रही है कि इस आकर्षक योजना का लाभ लेकर निवेशक प्रदेश में निवेश करने को आएंगे।

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