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आसन वेटलैंड से अपने वतन लौटने लगे प्रवासी परिंदे, गर्मी बनी वजह

Published: Thu, 05 Mar 2026 04:01 PM (IST)

आसन रामसर साइट से दिन में बढ़ती गर्मी के कारण छह प्रजातियों के प्रवासी पक्षी अपने मूल स्थान लौट गए हैं।

आसन रामसर साइट से प्रवास खत्म कर अपने मूल स्थान को लौटने लगे परिंदे।

आसन रामसर साइट से प्रवास खत्म कर अपने मूल स्थान को लौटने लगे परिंदे।

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जागरण संवाददाता, विकासनगर (देहरादून)। दिन में मौसम गर्म होने पर आसन रामसर साइट में प्रवास पर आए विदेशी छह प्रजातियों के परिंदे प्रवास खत्म कर अपने मूल स्थान को लौट चुके हैं।

फेरीजीनस पोचार्ड, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रेब, बार हेडेड गूज, नार्दन पिनटेल, नार्थन शावलर, कामन टील प्रजातियों के परिंदे अपने मूल स्थान लौट चुके हैं।

इस कारण आसन रामसर साइड में करीब साढ़े तीन हजार परिंदे ही प्रवास पर रह गए हैं।


देश के पहले कंजरवेशन रिजर्व आसन नमभूमि में इस बार देशी विदेशी 126 प्रजातियों के 5806 परिंदे प्रवास पर आए।

पर्वतीय इलाकों में अच्छी बर्फबारी व बीच बीच में होती बारिश के कारण मौसम अनुकूल होने पर परिंदे अपना प्रवास पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे थे।

लेकिन दिन में मौसम ज्यादा गर्म होने के कारण छह प्रजातियों के परिंदे समय से पहले अपने अपने मूल स्थान लौटे हैं।

बता दें कि अप्रैल की शुरुआत में विदेशी प्रजाति के सुर्खाब, कामन कूट, ग्रे लेग गीज, पेटेंट स्टार्क, रेड क्रिसटेड पोर्चार्ड समेत अन्य प्रजातियों के परिंदें भी वापस लौट जाएंगे।

चकराता वन प्रभाग की आसन रेंज के रेंजर आनंद चौहान व वन दारोगा प्रदीप सक्सेना के अनुसार आसन नमभूमि में विदेशी परिंदों का प्रवास अक्टूबर से अप्रैल प्रथम सप्ताह तक ही रहता है।