जागरण संवाददाता, देहरादून: लंबित मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ताओं ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है। 21 अक्टूबर को गांधी पार्क के बाहर धरना प्रदर्शन और 22 को कार्यकत्र्ता सचिवालय कूच करेंगी। उन्होंने कहा कि मांग पूरी न होने पर एक नवंबर से प्रदेशभर में बीएलओ ड्यूटी का बहिष्कार किया जाएगा।

शनिवार को गांधी पार्क में आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक हुई। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्री सेविका कर्मचारी यूनियन, आंगनबाड़ी मिनी कार्यकत्र्ता सहायिका संयुक्त संगठन, उत्तराखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन, आंगनबाड़ी एकता संगठन, उत्तराखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी संगठन, उत्तराखंड आंगनबाड़ी महासंघ से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से धरना-प्रदर्शन के माध्यम से मांग रखी जा रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बीते दिनों सरकार द्वारा 500 रुपये मानदेय बढ़ाने का भी विरोध किया। आंगनबाड़ी सेविका कर्मचारी यूनियन की प्रांतीय महामंत्री चित्रकला ने कहा कि सरकार के इस फैसले से कार्यकत्र्ताओं में आक्रोश है। यदि आगामी कैबिनेट में सम्मान जनक मानदेय बढ़ोतरी का मामला नहीं रखा गया तो एक नवंबर से प्रदेशभर में बीएलओ ड्यूटी का बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ताओं के लिए 21 हजार, सहायिका को 18 हजार रुपये, भवन किराया, नंदा गौरा कन्या धन का लाभ, यात्रा भत्ता समेत कई मांगें उठाई। इस मौके पर आंगनबाड़ी सेविका कर्मचारी यूनियन की कार्यकारी अध्यक्ष जानकी चौहान, सुशीला खत्री, रजनी गुलेरिया, लक्ष्मी पंत, ज्योतिका पांडेय, ज्योति बाला, विमला गैरोला, उमा बहुगुणा, दीपा पांडेय, पूजा जोशी, क्षमा परवीन आदि मौजूद रहे।

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लैब तकनीशियनों ने तेज किया आंदोलन

लैब तकनीशियनों ने मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट के साथ ही उन्होंने अपने-अपने अस्पतालों में सीएमएस, एमएस को ज्ञापन सौंपा।

उत्तराखंड मेडिकल लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश बड़वाल और महासचिव चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि देहरादून में दून अस्पताल, गांधी अस्पताल, कोरोनेशन, प्रेमनगर और रायपुर अस्पताल में मांगों के संदर्भ में ज्ञापन दिया गया। उन्होंने कहा कि लैब तकनीशियन अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए शासन-प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने संवर्गीय ढांचा और नियमावली की लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा करने, पैरामेडिकल संवर्ग के समान उच्चीकृत वेतनमान, केंद्र के समान जोखिम भत्ता, दस साल की सेवा पूरी कर चुके लैब तकनीशियनों को एमएसीपी का लाभ, अन्य कैडर के समान वाहन भत्ता और राज्य के सभी लैब तकनीशियन को मेस एलाउंस देने की मांग की है। कहा कि अगले कुछ दिनों में मंत्रियों एवं विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद स्वास्थ्य महानिदेशालय का घेराव किया जाएगा।

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Edited By: Sumit Kumar