देहरादून, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के कारण लंबे समय से बंद चल रहे नगर निगम क्षेत्र के सभी धार्मिक स्थल खुल गए हैं। मंदिरों में शारीरिक दूरी बनाकर ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा, लेकिन प्रतिमा को छूने और प्रसाद और दान देने की मनाही रहेगी। इससे पहले मंगलवार को शहर के मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च परिसर में सफाई और सैनिटाइजेशन किया गया। 

संगत गाइडलाइन का करें पालन
श्री गुरु सिंह सभा प्रबंधक कमेटी ने संगत से सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। सभा ने जूते चप्पल, वाहन निर्धारित स्थान पर रखने और मुंह पर मास्क और सर ढकने के लिए रुमाल लगाने को कहा है। इसके अलावा गेट पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही गुरुद्वारे में प्रवेश करने का आग्रह किया गया है। मास्क न होने की दशा में गुरुद्वारा के गेट से निश्शुल्क मास्क उपलब्ध कराया जाएगा। हमारी ओर से मंदिर में पूरी तैयारी की जा चुकी हैं। श्रद्धालुओं को आने की पूरी छूट है, लेकिन ध्यान रहे कि जो भी दर्शन को पहुंच रहे हैं, वे संयम रखें। हड़बड़ाहट और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए। 108 महंत कृष्णगिरी महाराज, टपकेश्वर महादेव मंदिर। 
राजपुररोड स्थित साईं मंदिर के पुजारी विनोद कुमार ने बताया कि मास्क नहीं तो प्रवेश नही, इस आधार पर श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर के बाहर नोटिस चस्पा किया गया है, जिसमें, प्रसाद न चढ़ाने, प्रतिमा को न छूने की अपील की गई है। फिलहाल कुछ दिनों तक टीका (तिलक) लगाने की भी मनाही है।
हनुमान मंदिर धर्मपुर के पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाएगा। भक्त दर्शन करने आएं, लेकिन भीड़ न करें। प्रतिमा के सम्मुख फल, नारियल, चुनरी चढ़ाने की परंपरा है, फिलहाल की परिस्थिति को देखते हुए यह चढ़ावा नहीं किया जाएगा। विपिन जोशी, संस्थापक वैष्णो माता गुफा योग मंदिर टपकेश्वर। मंदिर में शारीरिक दूरी बनी रहे इसलिए श्रद्धालुओं के खड़े होने के लिए गोले बनाए गए हैं। मुख्य गेट पर सैनिटाइजर से हाथ धोने के बाद एक गेट से प्रवेश कर भगवान के दर्शन करेंगे और अगले गेट से वापस आएंगे।
शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने कहा कि धर्मस्थल खुल रहे हैं, लेकिन शारीरिक दूरी बनाने के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है। मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए सरकार के आदेश का पालन कर उसी के तहत व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं, सिख कॉर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष गुरदीप सिंह सहोता ने बताया कि धार्मिक स्थल खुलने के साथ गुरुद्वारों में आने वाली संगत को शारीरिक दूरी का पालन करना जरूरी है। गुरुद्वारों में फिलहाल ज्यादा बड़े आयोजन नहीं होंगे। सीमित लोगों की मौजूदगी में शबद कीर्तन अगले एक दो दिन में शुरू हो जाएंगे।
राजपुर रोड स्थित मॉरिसन चर्च के फादर पीजे सिंह ने बताया कि चर्च में पहले से ही शारीरिक दूरी के लिए गोले बनाने और हैंडफ्री सैनिटाइजिंग मशीन की व्यवस्था की गई है। बच्चों और बुजुर्गो को सभा में आने की अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन की गाइडलाइन के आधार पर शारीरिक दूरी बनाकर प्रार्थना सभा की जाएगी। 

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