यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री को भेजा पत्र, कहा- मानसून अवकाश से पहले लिए जाएं सुझाव
अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग में वर्तमान अवकाश व्यवस्था को यथावत रखने को लेकर शिक्षा मंत्री ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून: अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग में वर्तमान अवकाश व्यवस्था को यथावत रखने को लेकर शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत को पत्र लिखा है। संघ की मांग है कि यदि सरकार चाहती है तो वह मानसून अवकाश को अलग कर दें। अवकाश की वर्तमान व्यवस्था में कोई परिवर्तन न किया जाए।
संघ ने शिक्षा मंत्री को भेजा पत्र
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश त्यागी व महामंत्री सुभाष सिंह चौहान ने शिक्षा मंत्री को प्रेषित ज्ञापन में कहा कि ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश को कम न किया जाए क्योंकि मैदानी जनपदों जैसे हरिद्वार, देहरादून एवं उधम सिंह नगर में गर्मियों में अत्यधिक गर्मी व सर्दियों में तेज शीतलहर चलती है।
चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, पौड़ी एवं उत्तरकाशी में अत्यधिक ठंड होती है। इसलिए इन अवकाशों में कोई परिवर्तन न किया जाए। मानसून अवकाश का अधिकार जिलाधिकारी के पास ही रखा जाए, क्योंकि मौसम विभाग जिला अधिकारी को ही मौसम का पूर्वानुमान भेजते हैं।
प्रधानाध्यापक के पास नहीं होती मौसम पूर्वानुमान की कोई सूचना
प्रधानाध्यापक के पास मौसम पूर्वानुमान की कोई सूचना नहीं होती है। इसलिए प्रधानाध्यापक को मानसून अवकाश करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। कहा कि मानसून पूल बनाने की अवश्यकता नहीं है। क्योंकि अभी तक देखा गया है कि मानसून अवकाश की अधिकतम संख्या सात से आठ दिन से ज्यादा नहीं है।
रविवार को पड़ते हैं कई अवकाश
अवकाश तालिका में कई अवकाश रविवार को पड़ते हैं। उन अवकाशों की संख्या का समायोजन मानसून अवकाशों के रूप में किया जा सकता है। मानसून अवकाश की व्यवस्था किए जाने से पूर्व शिक्षक संगठनों से सुझाव लिए जाएं।
