देहरादून, राज्य ब्यूरो। मत्स्य विभाग के तहत ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में हेमपुर हैचरी में गंभीर वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि जांच में की गई है। 2004-05 से लेकर 2013-14 यानी तकरीबन दस वर्ष की अवधि में हैचरी में मत्स्य बीज बिक्री से प्राप्त नकद धनराशि को निर्धारित बैंक खाते में जमा ही नहीं किया गया। इस राशि के निजी उपयोग में लाने की संभावना जताई गई है। जांच रिपोर्ट में हैचरी के सक्षम प्राधिकारी और कैशियर को जिम्मेदार ठहराया गया, साथ ही मत्स्य अभिकरण मुख्यालय देहरादून की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। 

अपर सचिव मत्स्य की जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने हेमपुर हैचरी में उक्त अवधि में तैनात रहे दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मत्स्य निदेशक से अभिकरण मुख्यालय में भी जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित करने, वित्तीय धांधली से सरकार को राजस्व नुकसान का आकलन कर तीन दिनों में तमाम ब्योरा शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है। हेमपुर हैचरी में वित्तीय अनियमितता की जांच को शासन ने अपर सचिव मत्स्य बीएम मिश्रा को जांच अधिकारी नामित किया था। 
जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जांच में हैचरी में मत्स्य बीज की बिक्री में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की पुष्टि की गई है। बीज बिक्री से करीब दस वर्षो तक प्राप्त धनराशि में गबन किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मत्स्य सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने विभागीय निदेशक को हैचरी के जिम्मेदारी अधिकारियों व कर्मचारियों सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई कर शासन को सूचित करने को कहा है। साथ ही इस मामले में मत्स्य विकास अभिकरण की भूमिका को भी संदिग्ध मानते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही के साथ ही राजस्व हानि में उनकी हिस्सेदारी का आकलन कर तीन दिन में शासन को जवाब देने को कहा है।

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