जागरण संवाददाता, देहरादून:

अतिक्रमण की पैरोकारी करने वाले जनप्रतिनिधि शुक्रवार को प्रेमनगर में हुई कार्रवाई के दौरान नजर नहीं आए। व्यापारियों ने विधायकों को फोन कर मदद की गुहार लगानी चाही तो उनके फोन ही नहीं उठे। कांग्रेसी नेता भी दूरी बनाए रहे।

हाईकोर्ट के आदेश पर शहर में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान को प्रेमनगर में भाजपा विधायकों से लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक और नेताओं ने प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया था। यही कारण रहा कि अपनी ही सरकार के खिलाफ और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद विधायकों ने प्रेमनगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को कई दिनों तक बाधित रखा। इस दौरान धरना-प्रदर्शन से लेकर विधायकों ने कई बार मुख्यमंत्री से वार्ता की। मगर, शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई तो विधायक मौके पर नहीं पहुंचे। इस दौरान प्रेमनगर के व्यापारियों ने विधायकों को फोन कर कार्रवाई को हल्की करने की मांग की। लेकिन विधायकों के फोन तक नहीं उठे। हालांकि, इस कार्रवाई के पीछे जनप्रतिनिधियों में हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का डर देखा गया। हमारे साथियों ने समर्थन के लिए बुलाया तो हम खड़े हो गए। कार्रवाई पूरी तरह से गलत हुई है। प्रशासन ने हठधर्मिता का परिचय दिया है। सरकार पर व्यापारियों के हितों को लेकर दबाव बनाया गया था।

- उमेश शर्मा काऊ, विधायक रायपुर गुरुवार को दोनों एडीएम को लेकर प्रेमनगर गया था। डीएम से भी वार्ता हुई थी। कार्रवाई पूरी तरह से गलत हुई है। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करता हूं। मगर, पट्टे देने के बाद उजाड़ना गलत है।

- गणेश जोशी, विधायक मसूरी प्रेमनगर में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। एमडीडीए, साडा जैसे संस्थान के बावजूद नियोजित विकास नहीं हो रहा है। पुनर्वास की ठोस योजना बनाई जानी चाहिए।

- हरबंस कपूर, विधायक कैंट पुनर्वास किए बिना अतिक्रमण हटाना गलत है। इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। हम पहले भी जनता के साथ थे और आगे भी रहेंगे। इस मामले में एक पक्षीय कार्रवाई हुई है।

- राजकुमार, पूर्व विधायक कांग्रेस हम अतिक्रमण के पक्ष में नहीं हैं। मगर, यहां 60 साल से ज्यादा समय से रोजगार और घर बनाकर रहने वालों को हटाना गलत है। इसके लिए भाजपा के विधायक और सरकार जिम्मेदार है।

- सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष कांग्रेस कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। मगर सरकार ने बेघर और बेरोजगार हुए व्यापारियों का अनदेखा किया है। मानवीय आधार पर भी यह गलत है। सरकार को मुआवजा और पुनर्वास करना चाहिए।

- संग्राम सिंह पुंडीर, प्रदेश सचिव कांग्रेस

Posted By: Jagran