राज्य ब्यूरो, देहरादून: उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक द्वारा एक-मुश्त समाधान योजना के तहत एनपीए खातों से 68 करोड़ रुपये की वसूली की है। एक जुलाई 2019 से 100 दिनों के लिए शुरू की गई यह योजना सोमवार यानी सात अक्टूबर को समाप्त हो गई है। अब इस योजना का तथ्यात्मक व वित्तीय आंकलन कर इसे भविष्य में जरूरत के अनुसार फिर लागू किया जा सकता है।

प्रदेश में उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक व जिला सहकारी बैंक में कई खाताधारक लंबे समय से लिया गया ऋण नहीं चुका रहे थे। इस कारण यह खाते एनपीए में तब्दील हो गए थे। इसे देखते हुए सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर इन खातों से वसूली के लिए एक जुलाई से एक-मुश्त समाधान योजना लागू की गई थी। इसके तहत सघन वसूली अभियान चलाने के साथ ही एनपीए खातों को भी एक मुश्त ऋण समाप्त करने का अवसर दिया गया। राज्य सहकारी बैंक और दस जिला सहकारी बैंकों में इस योजना के तहत 946 एनपीए खातों से कुल 68 करोड़ रुपये की वसूली की गई। यह धनराशि कुल एनपीए की धनराशि 381.73 करोड़ रुपये का 17.85 प्रतिशत है। राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दान सिंह रावत और प्रबंध निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि इस वसूली में प्रारंभिक ऋण समितियों के ऋण शामिल नहीं है। योजना के अंतर्गत 1.75 करोड़ की ब्याज राशि बैंकों द्वारा माफ की गई। इससे पूर्व इस प्रकार की किसी भी योजना से सहकारी बैंकों को इतनी वसूली नहीं हो पाई थी।

Posted By: Jagran

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