देहरादून, राज्य ब्यूरो। मिड डे मील योजना के तहत प्रदेश के 5595 विद्यालय एलपीजी कनेक्शन एवं गैस स्टोव से वंचित हैं। करीब ढाई लाख विद्यार्थियों को भोजन के लिए थाली और गिलास नहीं मिल पाए हैं। अगले वित्तीय वर्ष 2020-21 तक उक्त खामियों को दुरुस्त किया जाएगा। केंद्र से मिलने वाले बजट में इसके लिए प्रविधान कराने की तैयारी राज्य सरकार कर रही है। 

प्रदेश में मिड डे मील योजना से कुल 17042 विद्यालय आच्छादित हैं। इनमें से सिर्फ 11447 विद्यालयों को ही एलपीजी कनेक्शन व गैस स्टोव उपलब्ध कराए जा सके हैं। शेष विद्यालयों को भी एलपीजी मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

वहीं मिड डे मील से लाभान्वित होने वाले कक्षा एक से आठवीं तक कुल 6.84 लाख बच्चों में से अभी तक करीब 4.50 लाख बच्चों के लिए ही थाली और गिलास का बंदोबस्त हो पाया है। 2.50 लाख बच्चों को थाली और गिलास मुहैया कराया जा चुका है। दो लाख बच्चों को भोजन के लिए बर्तन मुहैया कराने को हंस फाउंडेशन आगे आया है। 

शेष बचे करीब 2.34 लाख बच्चों को बर्तन देने के लिए केंद्र से धन मिलने का इंतजार किया जा रहा है। इस मद में करीब 12 करोड़ की राशि मिलनी है। इससे जिन विद्यालयों में भोजन पकाने के बर्तन नहीं हैं या बर्तन खाना पकाने लायक नहीं हैं, उन्हें भी धन मुहैया कराया जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे का कहना है कि एलपीजी व बर्तनों की जरूरत के लिए अगले वित्तीय वर्ष के बजट में प्राविधान कराया जाएगा।   

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केंद्र से मिले 41.36 करोड़

केंद्र सरकार ने मिड डे मील की बकाया 41.36 करोड़ की धनराशि राज्य सरकार को मुहैया करा दी है। इस राशि से मिड डे मील को बनाने का खर्च, भोजन माताओं को मानदेय व अन्य खर्चों की पूर्ति की जाएगी। भोजन पकाने के लिए विद्यालयों को बर्तन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

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