राज्य ब्यूरो, देहरादून: प्रदेश में इस वर्ष से सुशासन दिवस पर 'मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार' देने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष उत्कृष्टता और सुशासन के लिए 48 कार्मिकों को पुरस्कृत किया जाएगा। इनका चयन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति की संस्तुति के आधार पर किया गया।

प्रदेश में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस (25 दिसंबर) को प्रतिवर्ष सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी कड़ी में सरकार ने कार्मिकों को इस वर्ष से मुख्यमंत्री सुशासन व उत्कृष्टता पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी विभागों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों के नाम आमंत्रित किए गए थे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति ने इन नामों का चयन चार सामूहिक श्रेणियों व व्यक्तिगत श्रेणी में किया। इन सभी चयनित कार्मिकों को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी चयनित कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी पूरे मनोयोग और निष्ठा से प्रदेश एवं जनता के हित में कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे शासन से ही देश एवं प्रदेश के नागरिकों को हर क्षेत्र में बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकती है। प्रत्येक स्तर के कार्मिक जब पूरे मनोयोग और ईमानदारी से काम करेंगे तभी प्रदेश में वास्तविक रूप से हर व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंच सकेगी। सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप-जिलाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, डॉक्टर, पेयजल-बिजली, लोनिवि, सिंचाई, पुलिस-प्रशासन व पर्यावरण आदि विभाग से संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत श्रेणी और टीम भावना से कार्य करने के लिए चार पुरस्कार सामूहिक श्रेणी में दिए जाएंगे। उत्तराखंड इंवेस्टर्स समिट-2018, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, केदारनाथ पुनर्निर्माण एवं कोसी पुनर्जीवन संबंधी कार्यो के लिए भी कार्मिकों को पुरस्कृत किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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