देहरादून, [जेएनएन]: भले ही राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सत्यापन अभियान को लेकर गंभीर नजर आ रहा हो, लेकिन इस अभियान का हिस्सा बनाए गए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) का लचर रवैया अभियान को पलीता लगा रहा है। इसी का परिणाम है कि अभियान शुरू हुए छह दिन हो चुके हैं, लेकिन 48 बीएलओ ने अभियान शुरू करना तो दूर, अब तक बस्ते लेना भी जरूरी नहीं समझा है।

दून के सातों विधानसभा क्षेत्रों में दस अक्टूबर से मतदाता सत्यापन अभियान शुरू किया गया है। इस दौरान करीब 900 बीएलओ की ड्यूटी अभियान में लगाई गई। अभियान में बीएलओ अपने-अपने बूथों पर बैठकर जहां नए वोटरों के फार्म भरवाएंगे और पुराने वोटर कार्ड की त्रुटियां ठीक करेंगे। साथ ही, घर-घर जाकर वोटर लिस्ट का सत्यापन भी करेंगे। रायपुर विधानसभा में 190 बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई थी, जिसमें दस बीएलओ अब तक बस्ते लेने नहीं पहुंचे हैं। वहीं, धर्मपुर में 196 बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई, इनमें से 18 ने अब तक बस्ते लेना भी जरूरी नहीं समझा है। इसके अलावा मसूरी विधानसभा में भी 135 बीएलओ में से 20 बीएलओ अब तक नदारद हैं। 

नोटिस भेजने की तैयारी

लापता चल रहे बीएलओ पर अब तहसील प्रशासन ने भी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। तहसील की ओर से इन सभी बीएलओ को नोटिस भेजकर अगले दो दिन में बस्ते लेने के लिए कहा गया है। यदि उक्त बीएलओ अब भी गैरहाजिर रहे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

 तहसीलदार सदर एमसी रमोला का कहना है कि सभी बीएलओ का अभियान में शामिल होना अनिवार्य है। जो अनुपस्थित चल रहे हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। दो दिन में न पहुंचने पर उक्त बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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Posted By: Sunil Negi

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