जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: चारधाम यात्रा पर जाने के लिए ऋषिकेश के धर्मशाला और आश्रमों में पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में यात्री रुके हुए हैं। प्रशासन की ओर से ऋषिकेश क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए यहां से यात्रियों को धामों पर भेजे जाने की विशेष व्यवस्था की गई है। शनिवार को परिवहन निगम और परिवहन कंपनियों की 121 बसों में 3700 श्रद्धालुओं को विभिन्न धामों के लिए रवाना किया गया। अभी करीब 2000 यात्री ऋषिकेश में में रुका है। इन्हें रविवार को रवाना करने के लिए बसों की व्यवस्था करने में प्रशासन जुटा हुआ है।

आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार और परिवहन आयुक्त रणवीर सिंह चौहान की ओर से दो दिन पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को विशेष हिदायत दी गई थी कि ऋषिकेश में पिछले कई दिनों से रुके यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर यात्रा पर रवाना किया जाए। जिसके लिए एआरटीओ प्रशासन अरविद कुमार पांडे ने परिवहन कंपनियों की बैठक बुलाकर यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। जिसके अनुपालन के लिए बीते शुक्रवार से प्रशासन और परिवहन कंपनियों ने काम शुरू कर दिया था।

नोडल अधिकारी यात्रा व उप जिलाधिकारी ऋषिकेश शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि शनिवार को संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति कि साथ 79 बसों में 2300, यातायात परिवहन कंपनी की 15 बसों में 450, परिवहन निगम ऋषिकेश डिपो की 27 बसों में 918 यात्रियों को विभिन्न धामों के लिए रवाना किया गया। यहां की धर्मशाला और आश्रमों में ठहरे श्रद्धालुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। वर्तमान में करीब 2000 श्रद्धालु यहां रुके हुए हैं। जिनको रविवार को यात्रा में भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के अध्यक्ष संजय शास्त्री ने बताया कि रविवार को ऋषिकेश में कई दिन से रुके करीब 2000 लोग को भेजने के लिए 60 बसों की आवश्यकता पड़ेगी। परिवहन कंपनियों के कई वाहन यात्रा पूर्ण कर देर रात तक यहां पहुंच जाएंगे। रविवार दोपहर तक इन श्रद्धालुओं को यहां से रवाना किया जाएगा। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सिर्फ ऋषिकेश में आफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ को भी विशेष कोटा जारी किया गया है। जिसके तहत बस टर्मिनल कंपाउंड,भद्रकाली और ब्रह्मपुरी चेक पोस्ट में एसडीआरएफ की टीम आफलाइन पंजीकरण कर रही है।

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