रुड़की(हरिद्वार), जेएनएन। कुट्टू के आटे की पूरी खाने से 115 लोग बीमार हो गए है। जिन्हें सिविल अस्पताल रुड़की एवं निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जानकारी मिलने के बाद से पुलिस, प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार छापे मार रही है। पांच दुकानों से सैंपल लिये गए हैं। इसके अलावा कुट्टू के आटे के थोक विक्रेता की दुकान से प्रशासन ने 14 कट्टे कुट्टू के आटे को नष्ट करा दिया है।

मामले की जांच की जा रही है। अस्पताल में भर्ती मरीज रुड़की, मंगलौर, नारसन, भगवानपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। सभी की हालत खतरे से बाहर है। कई मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी मिल चुकी है। सिविल अस्पताल रुड़की में देर रात 1.40 बजे काशीपुरी निवासी सिद्धांत, यश, लता एवं मोनिका को उपचार के लिए लाया गया। यह चारों एक ही परिवार के सदस्य थे। इन सभी को चक्कर आ रहे थे। बोलने में दिक्कत हो रही थी। हाथ-कांप रहे थे और उल्टियां आदि हो रही थी। परिवार के लोगों ने बताया कि शाम के समय व्रत खोलने के बाद सभी ने कुट्टू के आटे की पुरी खाई थी। चिकित्सकों ने इनका उपचार शुरू ही किया था कि मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। इसी के तरह के लक्षण वाले मरीजों सरकारी और निजी अस्पताल पहुंचने लगे। सुबह होने तक मरीजों की यह संख्या 100 से अधिक पहुंच गई। रातभर अस्पतालों में मरीजों के लाने ले जाने का सिलसिला जारी रहा। इतनी बड़ी संख्या में फूड प्वाइजनिंग होने से पुलिस प्रशासन, खाद्य सुरक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं पुलिस टीम ने अस्पतालों में पहुंचकर मरीज एवं उनके परिजनों से जानकारी की। इसके बाद उन दुकानों पर छापे मारी गई। जहां-जहां से कुट्टू का आटा खरीदा गया था। सुबह होने के चलते अधिकांश दुकानें बंद थी। पुलिस ने दुकानों को खुलवाई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कूट्टू के आटे के सैंपल लिये। साथ ही दुकानदारों को हिदायत दी कि वह जांच पूरी होने तक किसी भी कुट्टू का आटा न बेचें। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अनाज मंडी स्थित कुट्टू आटे के थोक विक्रेता के यहां से अधिकांश दुकानदारों ने कुट्टू का आटा खरीदा था। इस दुकान से कुट्टू के आटे व साबुत कुट्टू दो सैंपल लिये गए हैं। साथ ही कट्टू के आटे के 14 कट्टे नष्ट करा दिये हैं। जिन दुकानदारों का आटा बेचा था। उनसे भी वापस मंगवा कर नष्ट करा दिया गया है। वहीं रुड़की के अलावा भगवानपुर और मंगलौर की विभिन्न दुकानों से भी कुट्टू के आटे के दो-दो सैंपल लिये गए हैं। बेसन मे भी दो सैंपल लिये गए हैं।

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इनका कहना है 

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल का कहना है कि कुट्टू के आटे में मिलावट होने की बात स्पष्ट हो चुकी है। आटे में क्या मिला था, लैब की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा। मामले की जांच अभी चल रही है। जांच में जो भी बात सामने आएगी। उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दुकानदारों से कहा गया है कि वह अभी कुट्टू का आटा न बेचें।

वहीं, सिविल अस्पताल रुड़की के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक  डॉ. संजय कंसल ने बताया कि सभी मरीजों ने बताया कि कुट्टू का आटा खाने से उनकी हालत बिगड़ी है। सभी में एक ही तरह के लक्षण है। चक्कर आना, उल्टी होना, कमजोरी आना, बोलने में दिक्कत होना आदि है। आशंका है कि आटे में कुछ रसायन मिला है। जिसके कारण यह लोग बीमार हुए हैं। सिविल अस्पताल में 14 मरीज आए थे। चार को छुट्टी दी जा चुकी है, विनय विशाल में 40 मरीज आए थे। 21 को छुट्टी मिल गई है। भटनागर नर्सिंग होम में सात मरीज भर्ती है। अन्य निजी अस्पतालों में भी मरीज के भर्ती होने की जानकारी मिल रही है। सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर है।

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