संवाद सूत्र, चकराता: वर्षो से देखरेख के अभाव में कालसी क्षेत्र की 30 पेयजल लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। इसके चलते तीन दर्जन से ज्यादा गांवों में पेयजल समस्या गहराने लगी है। ये स्थिति तब है जब संबंधित विभागों के अधिकारियों से ग्रामीण कई बार गुहार लगा चुके हैं। आक्रोशित लोगों ने अब इस संबंध में पेयजल सचिव को ज्ञापन भेजकर समस्या का निराकरण करने की मांग की है।

कोटा गांव निवासी मुन्ना सिंह, धन सिंह, गजेंद्र सिंह, धंदराम आदि का कहना है कि उनके गांव की पेयजल लाइन के स्त्रोत में पानी कम होने से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। मुंडवाण निवासी तोलाराम, प्रेम सिंह, गोविद सिंह आदि का कहना है कि उनके गांव की पेयजल लाइन बेहद पुरानी होने के चलते जर्जर है। कई बार जल निगम व जल संस्थान के अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी लाइन की मरम्मत नहीं की गयी है। जिससे लोगों में रोष बढ़ना स्वभाविक है। ग्रामीणों ने एसडीएम कालसी को भी व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की है। वहीं एसडीएम अर्पूवा सिंह के अनुसार जल संस्थान व जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित कर समस्या हल करायी जाएगी।

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इन गांवों में है पेयजल जलसंकट

खमरोली, डांडा, देऊ, कोटा, डिमऊ, मुडवाण, रूपौ, पाटा, लेल्टा, जडाना, सिमोग, परियाड, अतलेऊ, दोऊ, जिसोऊ, सुरेऊ, भंजरा, पंचरा, सराडी, कांडी, चंदोऊ, सुपोऊ, केशोऊ, चिबऊ, सलगा, हजटा, अस्टी, जामुवा, मंडोली और खैरवा, उभरेऊ गांवों में लाइनें जर्जर होने से पेयजल संकट पैदा हो गया है।

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क्या कहतें हैं अधिकारी

जल निगम पुरोड़ी के अधिशासी अभियंता एसके बरनियाल के अनुसार बरसात में पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने पर दैवीय आपदा के तहत शासन को स्टीमेट बनाकर भेजा गया था, धनराशि नहीं मिलने से मरम्मत कार्य नहीं कराया जा सका है। वहीं जल संस्थान के सहायक अभियंता जेएस चौहान के अनुसार जर्जर लाइनों के स्टीमेट शासन को भेजे जा चुके हैं, स्वीकृति का इंतजार है, जल्द व्यवस्थाएं ठीक करायी जाएगी।

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ये पेयजल लाइनें हैं क्षतिग्रस्त

कालसी ब्लॉक में आपदा से क्षतिग्रस्त 30 पेयजल लाइनों में खमरोली-डांडा, देऊ, कोटा, डिमऊ, मुडवाण, रूपौ, पाटा, लेल्टा, जडाना, सिमोग, परियाड, अतलेऊ, दोऊ, जिसोऊ, सुरेऊ, भंजरा, पंचरा, सराडी, कांडी, चंदोऊ, सुपोऊ, केशोऊ, चिबऊ, सलगा, हजटा, अस्टी, जामुवा, मंडोली, खैरवा, उभरेऊ पेयजल लाइन शामिल हैं।

Posted By: Jagran

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