संवाद सूत्र, चकराता: सीमांत क्षेत्र के त्यूणी बाजार में बीते शनिवार को कोरोना के 14 मामले एक साथ सामने आने से स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। इसके बाद हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग की टीम व पुलिस-प्रशासन ने संक्रमितों के संपर्क में आए 30 सदस्यों के रविवार को रैपिड एंटीजन टेस्ट किए। इस टेस्ट में भी एक किशोरी कोरोना संक्रमित मिली। जबकि संपर्क में आए अन्य व्यक्तियों की जांच होनी बाकी है।

जौनसार-बावर के सीमांत त्यूणी बाजार में बीते सात व आठ अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग टीम ने सौ व्यक्तियों के आरटी पीसीआर टेस्ट किए थे। जिसकी रिपोर्ट शनिवार को सामने आने से सीमांत क्षेत्र में हड़कंप मच गया। रैपिड सैंपलिग के नौ दिन बाद मेडिकल रिपोर्ट सामने आने से त्यूणी बाजार में 14 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके तुरंत बाद स्थानीय पुलिस-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग टीम ने कोरोना संक्रमित पाए गए सभी 14 सदस्यों को होम आइसोलेट किया। कोरोना संक्रमितों में अधिकांश लोग स्थानीय व्यापारी बताए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देख एसडीएम डॉ. अपूर्वा सिंह के निर्देशन में रविवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र राणा, तहसीलदार पूरण सिंह तोमर, थानाध्यक्ष संदीप पंवार व राजस्व उपनिरीक्षक श्याम सिंह तोमर की अगुवाई में संयुक्त टीम को कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए अन्य लोगों के बारे में पता लगाने को कहा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए 30 सदस्यों के रविवार को रैपिड एंटीजन टेस्ट किए। जिसमें एक किशोरी संक्रमित मिली। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र राणा ने कहा कि कोरोना संक्रमित किशोरी को जांच के बाद होम आइसोलेट किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम संपर्क में आए अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। कहा कि कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए अन्य सभी के रैपिड एंटीजन टेस्ट किए जाएंगे। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना पॉजिटिव मिले सभी मरीजों का रूटीन चेकअप कर रही है। लंबे समय बाद सीमांत क्षेत्र में बड़ी संख्या में कोरोना के मामले सामने आने से त्यूणी बाजार में अन्य दिनों की अपेक्षा पिछले दो दिनों से लोग कम नजर आए। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से जांच रिपोर्ट नौ दिन बाद जारी हुई। कोरोना महामारी जैसे संवेदनशील मामले में स्वास्थ्य विभाग की यह हीला-हवाली कई जिदगी पर भारी पड़ सकती है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से कोरोना की जांच रिपोर्ट समय से जारी करने की मांग की। जिससे कोरोना संक्रमण की रोकथाम हो सके।

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