राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में विधानसभा चुनाव निकट आते ही नए-नए राजनीति दल भी चुनाव मैदान में कूदने को बेताब होने लगे हैं। इनके बैनर, होर्डिंग व पोस्टर जगह-जगह लगने शुरू हो गए हैं। यहां तक कि चुनाव आयोग में भी नए राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण के लिए 30 से अधिक आवेदन आ चुके हैं।

लोकतंत्र में चुनावों की अहम भूमिका रहती है। जनता अपना प्रतिनिधि इन्हीं चुनावों के जरिये चुनती है। मंशा यह कि ये जनप्रतिनिधि क्षेत्रवासियों की आवाज को विधानसभा में उठाएंगे। उत्तराखंड में अभी तक प्रमुख राजनीतिक दलों में भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा व कप्युनिस्ट पार्टी शामिल थी। अब इसमें आम आदमी पार्टी का नाम भी शामिल हो गया है। चुनाव करीब देख नाम चमकाने के लिए लगातार कई पार्टियां गठित हो रही हैं। चुनिंदा समर्थकों के साथ नेता तस्वीरों में नजर आ रहे हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2017 में 18 नए दल पंजीकृत हुए थे। जो चुनाव समाप्त होने के बाद कहीं मैदान में नजर नहीं आए।

उत्तराखंड क्रांति दल को छोड़ अन्य कोई दल फिलहाल सक्रिय नहीं है। अगले विधानसभा चुनाव तक इन पार्टियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। कारण यह कि आयोग में इस समय 30 से अधिक नए दलों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया हुआ है। जिन्हें गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दल के रूप में चुनाव में शामिल किया जाएगा। दरअसल, राजनीतिक दल तीन तरीके से पंजीकृत होते हैं। इनमें राष्ट्रीय दल, मान्यता प्राप्त पंजीकृत दल और गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दल शामिल हैं। मान्यता भी उन्हीं दलों को मिलती है जो चुनाव में एक निश्चित मत प्रतिशत प्राप्त करते हैं। शेष दल गैर मान्यताप्राप्त पंजीकृत दल के रूप में शामिल होते हैं।

प्रदेश में बीते विधानसभा चुनावों के दौरान पंजीकृत हुए दल

-भारत कौमी दल, भारतीय जनक्रांति पार्टी, भारतीय मूल निवासी समाज पार्टी, भारतीय शक्ति सेना, भारतीय ग्राम विकास पार्टी, भारतीय सर्वोदय पार्टी, गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट, राष्ट्रीय आदर्श पार्टी, राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल, डेमोक्रेटिक, उत्तराखंड परिर्वतन पार्टी, उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी, उत्तराखंड रक्षा मोर्चा, उत्तराखंड संस्कृति परिषद, उत्तराखंड सेना पार्टी, उत्तराखंड जनवादी पार्टी।

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Edited By: Sunil Negi