जागरण संवाददाता, देहरादून। National Girl Child  राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रदेशभर की मेधावी छात्राओं को स्मार्ट फोन देकर सम्मानित किया गया। स्मार्ट फोन पाकर बालिकाओं के चेहरे खिल उठे। बालिकाओं ने इस फोन का इस्तेमाल पढ़ाई और सकारात्मक कार्यों के लिए करने का संकल्प भी लिया। प्रदेश की 159 मेधावी छात्राओं को स्मार्ट फोन दिए गए।

सर्वे चौक स्थित आइआरडीटी सभागार में आयोजित समारोह का उद्घाटन करते हुए महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री रेखा आर्य ने मेधावियों को शुभकामनाएं दीं। रेखा आर्य ने कहा कि बालिकाओं को सशक्त बनाने की शुरुआत घर से करने की जरूरत है। नींव मजबूत किए बिना बालिकाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। आज भी समाज में महिलाओं पर वर्चस्व बनाने की मानसिकता बरकरार है, इसे बदले बिना महिलाओं को उच्च दर्जा नहीं मिल सकता। उन्होंने दो टूक कहा कि महिलाओं को भी अपनी सोच में बदलाव लाने की जरूरत है। महिलाएं खुद ही समाज में ऐसी धारणाएं पैदा कर देती हैं, जो उन्हीं के लिए हानिकारक हैं। कहा कि चाहे महिलाएं शारीरिक रूप से कमजोर क्यों न हों, लेकिन मानसिक तौर पर पुरुषों से मजबूत होती हैं। वह विषम परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम होती हैं। उन्होंने प्रदेश एवं केंद्र सरकार की ओर से महिला एवं बाल उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक खजान दास ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान करना हमारे देश की परंपरा है, इसे आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कभी-कभी एक महिला की सफलता की राह की दुश्मन दूसरी महिलाएं ही बन जाती हैं। महिलाओं को भी चाहिए कि इस सोच को त्यागकर एक दूसरे को सशक्त करें। कार्यक्रम में विभागीय सचिव हरीश चंद सेमवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्र, महापौर सुनील उनियाल गामा आदि ने भी विचार रखे।

एक क्लिक पर मिलेगी विभाग की हर जानकारी

समारोह के दौरान मंत्री रेखा आर्य ने विभाग के लिए एनआइसी की ओर से तैयार प्रबंधन सूचना प्रणाली का उद्घाटन भी किया। इसके तहत विभाग के पोर्टल की लॉचिंग हुई। जिस पर एक क्लिक पर विभाग की हर जानकारी मिलेगी। विभागीय सचिव हरीश चंद ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ताओं से लेकर सचिव स्तर के लिए अलग-अलग लॉगइन तैयार किए गए हैं। कहा कि इस व्यवस्था से विभाग में पारदर्शिता बढऩे के साथ ही काम में भी तेजी आएगी। 

किस जिले से कितनी मेधावी अल्मोड़ा से 17, बागेश्वर से आठ, चमोली से 12, चंपावत से दस, देहरादून से दस, टिहरी से 14, ऊधमसिंह नगर से दस, उत्तरकाशी से 14, हरिद्वार से 11, नैनीताल से 12, पौड़ी से 20, पिथौरागढ़ से 12 और रुद्रप्रयाग जिले से नौ।

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