देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कार्य परिषद (ईसी) ने लंबे समय बाद आखिरकार आठ राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और सभी निजी प्रोफेशनल कॉलेजों के लंबित 422 पाठ्यक्रमों को अस्थायी संबद्धता की मंजूरी दे दी है। इन पाठ्यक्रमों की संबद्धता का मामला वर्ष 2008 से 2019 के बीच के वर्षों का हैं, जो लंबित थे।

राज्यपाल के संयुक्त सचिव के निर्देशानुसार शुक्रवार को यूटीयू के कार्य परिषद की बैठक हुई। जिसमें कई सदस्य ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े। परिषद के अध्यक्ष और यूटीयू के कुलपति प्रो. नरेंद्र चौधरी ने बताया चर्चा के बाद ईसी ने लंबित पाठ्यक्रमों की संबद्धता को मंजूरी दे दी। विदित है कि यूटीयू ने 22 अक्टूबर 2019 को कार्य परिषद (ईसी) की बैठक आयोजित की थी, जिसमें इन संस्थान की मान्यता संबंधी फाइलों को मंजूरी दी जानी थी। हालांकि, बैठक में रखे गए अधिकतर मुद्दों पर ईसी सहमत नहीं थी। मुद्दों पर विवाद गहराने के बाद सरकार ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई, जिसे 26 नवंबर, 2019 तक अपनी रिपोर्ट देनी थी। इसी बीच ईसी की दो-दो रिपोर्ट शासन में जाने के बाद मामला उलझ गया। शासन स्तर पर इस पूरे मामले में जांच चल रही है।

ईसी के निर्णय पर खड़े हो सकते हैं सवाल

उत्तराखंड तकनीकी विवि की कार्य परिषद में 16 सदस्य शामिल हैं, जिनमें प्रौद्योगिकी, चिकित्सा शिक्षा, उच्च शिक्षा, विधि और उद्योगपति पांच श्रेणियों से दो-दो सदस्यों को नामित किया जाता है। इनका कार्यकाल दो वर्ष का होता है। इस साल पांच अलग-अलग श्रेणियों से नामित दस सदस्यों में से अधिकतर सदस्यों के दो साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। उनके स्थान पर अभी तक नए सदस्य नामित नहीं हुए हैं। ऐसे में कार्य परिषद की ओर से लिए गए निर्णय पर पिछली कार्य परिषद की तरह सवाल खड़े हो सकते हैं।

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कोरोना संक्रमण से पहले ही सत्र लेट

कोरोना संक्रमण के कारण तकनीकी शिक्षा का सत्र राज्य में इस बार लेट है। जेईई मेन की परीक्षा हाल में ही हुई है। यूटीयू ने अपनी बीटेक लेट्रल एंट्री की यूकेएससीई परीक्षा भी आयोजित नहीं की है, जबकि यह परीक्षा हर वर्ष अप्रैल महीने में संपन्न करवाई जाती थी। इस वर्ष एक नवंबर से नया सत्र प्रारंभ होगा।

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