देहरादून, राज्य ब्यूरो। Snow Leopards उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिम तेंदुओं समेत दूसरे वन्यजीवों पर नजर रखने के लिए वन महकमा पहली बार 40 सोलर पैनल कैमरे लगाने जा रहा है। हिम तेंदुआ संभावित स्थलों के साथ ही सेना और आइटीबीपी के कैंपों के नजदीक भी ये कैमरे लगाए जाएंगे। इस सिलसिले में वन विभाग 15 अगस्त से पहले सेना और आइटीबीपी के अधिकारियों के साथ बैठक करेगा। इस पहल से जहां हिम तेंदुओं व दूसरे वन्यजीवों की संख्या का आकलन करने में मदद मिलेगी, वहीं सुरक्षा को भी प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।

राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिम तेंदुओं की अच्छी-खासी संख्या में मौजूदगी का अनुमान है। विभिन्न स्थानों पर लगे कैमरा ट्रैप में अक्सर कैद होने वाली तस्वीरें इसकी तस्दीक करती हैं। अलबत्ता, अभी तक यह रहस्य बना है कि आखिर वास्तव में इनकी संख्या है कितनी। इसे देखते हुए सिक्योर हिमालय परियोजना में अगले माह से हिम तेंदुओं की गणना प्रस्तावित है। इस बीच वन विभाग भी अब हिम तेंदुओं समेत दूसरे वन्यजीवों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाने जा रहा है।

राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग बताते हैं कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में पहली बार 40 सोलर कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। सोलर पैनल होने के कारण इन कैमरों में बार-बार बैटरी बदलने का झंझट नहीं रहेगा। कैमरे लगाने के सिलसिले में प्रभागीय वनाधिकारियों से हिम तेंदुआ संभावित स्थलों के बारे में जानकारी ली गई है। इस सीमांत क्षेत्र में सेना और आइटीबीपी के कैंप भी हैं, जिनके इर्द-गिर्द पूर्व में हिम तेंदुए देखे गए हैं। उन्होंने बताया कि इन कैंपों के नजदीक भी सोलर कैमरे लगाए जाएंगे। 15 अगस्त से पहले सेना व आइटीबीपी के साथ ही भारतीय वन्यजीव संस्थान के अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति तय की जाएगी। कोशिश है कि सितंबर से कैमरे लगाने की कवायद शुरू हो जाए।

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यहां लगेंगे सोलर कैमरे

उच्च हिमालयी क्षेत्र में सीमा से सटे मलारी, गमशाली, सुमना, माणा, भैरोंघाटी, नेलांग, लंका समेत दूसरे इलाके।

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