देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में स्टेज कैरिज परमिट वाले वाहनों की आयु सीमा अब दो वर्ष बढ़ाने की तैयारी चल रही है। अभी पर्वतीय मार्गों पर इनकी आयु सीमा 15 वर्ष और मैदानी मार्गों पर 20 वर्ष है। कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन में वाहनों का संचालन न होने से वाहन संचालकों को हुए नुकसान के मद्देनजर यह कदम उठाया जा रहा है। कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन का असर परिवहन सेवाओं पर भी पड़ा है। राज्य में 22 मार्च से ही वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया था। 

अनलॉक वन में पचास फीसद यात्री क्षमता के साथ वाहनों का संचालन शुरू करने को कहा गया। हालांकि, किराया यथावत रखे जाने के कारण इनका संचालन नहीं हुआ। तर्क यह दिया गया कि सवारी संख्या वाहन की क्षमता की आधी होने के कारण संचालन पर आने वाला व्यय भी पूरा नहीं निकलेगा। 
इस पर 18 जून को सरकार ने स्टेज कैरिज वाहन, यानी बसों का किराया दोगुना करने का निर्णय लिया। बावजूद इसके केवल परिवहन निगम ने ही कुछ मार्गों पर बसों का संचालन किया। यात्रियों द्वारा सार्वजनिक परिवहन के सफर से दूरी बनाए रखने के कारण निजी बसें नहीं चलीं। इसके उलट निजी बस संचालकों ने अपने परमिट सरेंडर करने शुरू कर दिए। कुछ बस संचालक ऐसे हैं, जिनके वाहनों की निर्धारित आयु सीमा कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान समाप्त हो गई।
इसे देखते हुए परिवहन मुख्यालय ने एक प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस प्रस्ताव में वाहनों की आयु सीमा दो वर्ष बढ़ाने को कहा गया है। वहीं, सूत्रों की मानें तो कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के बाद निर्धारित अवधि पूरी करने वाले वाहनों की आयु सीमा बढ़ाने पर भी शासन में विचार किया जा रहा है। उप आयुक्त एसके सिंह ने प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की पुष्टि की।

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