देहरादून, जेएनएन। Ayodhya Ram Mandir मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बुधवार पांच अगस्त को देश के लिए स्वर्णिम अवसर आ रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य व दिव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि और शिलापूजन के साथ आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस दिन अपने घरों में दीये जलाकर  दीपावली मनाएं। उन्‍होंने कहा कि भगवान राम दुनिया के एकमात्र ऐसे चरित्र हैं, जिन्हें मर्यादा पुरूषोत्तम के नाम से जाना जाता है। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि के लिए बलिदानियों का स्मरण भी किया। 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अयोध्या में मर्यादा पुरूषोत्तम राम के मंदिर निर्माण को लेकर कई युद्ध लड़े गए, सैकड़ों व्‍यक्तियों ने इसके लिए बलिदान दिया। देश व संस्कृति के मानबिंदुओं वाले स्थानों को अत्याचारियों द्वारा नष्ट करने का प्रयास किया गया। अब सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय और केंद्र सरकार के प्रयासों से अयोध्या में भगवान राम के मंदिर की पुर्नप्रतिष्ठा होगी।    

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मुख्यमंत्री ने अयोध्या में बनने वाला राम मंदिर को करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा होना बताया। कहा कि भगवान राम सनातन संस्कृति, मानवता, नैतिकता, प्रेम व सद्भाव के प्रतीक हैं। उनका मंदिर देश व दुनिया में अपनी विशिष्टता के लिए पहचाना जाएगा। जब प्रधानमंत्री श्रीराम जन्मभूमि पर भूमि पूजन करेगें, इसका साक्षी बनने के लिए देश और समाज के सभी क्षेत्रों व वर्गों में काफी उत्साह है।

कल हरिद्वार के दक्षिण काली मंदिर में जलाए जाएंगे 11 हजार 100 दीये 

हरिद्वार के सिद्ध पीठ दक्षिण काली पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा की अयोध्‍या में रामजन्‍म भूमिपूजन और शिलान्यास कार्यक्रम के मौके पर दक्षिण काली मंदिर में विशेष पूजा यज्ञ और हवन किया जाएगा। इसके बाद 11100 दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे | उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से अयोध्या में मौजूद विशिष्ट लोगों की सुरक्षा के चलते वह अयोध्या नहीं जा रहे हैं। 

 केदारनाथ में संपन्न हुआ अन्नकूट उत्सव

केदारनाथ धाम में रविवार रात से शुरू हुआ अन्नकूट (भतूज) उत्सव सोमवार सुबह भंडारे के साथ संपन्न हो गया। पूरी रात मंदिर में पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा और चौथे पहर तीन बजे से श्रद्धालुओं ने बाबा के शृंगार दर्शन किए। सुबह प्रसाद वितरण के बाद मंदिर में नित्य पूजाएं शुरू हो गईं।

रविवार रात गर्भगृह में स्वयंभू शिवलिंग की पूजा-अर्चना के साथ अन्नकूट उत्सव शुरू हुआ था। मंदिर के मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग ने पूजा संपन्न करने बाद नए अनाज झगोंरा, चावल, कौंणी आदि के लेप से स्वयंभू शिवलिंग का शृंगार किया। तीन से चार बजे तक श्रद्धालु सभामंडप से बाबा के शृंगार दर्शन करते रहे। कोरोना संक्रमण के चलते उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं थी।

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