राज्य ब्यूरो, देहरादून:

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार सौंग बाध परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आएगी। निर्माण एवं पुनर्वास से संबंधित कार्याें के संचालन के मद्देनजर सिंचाई विभाग के आठ कनिष्ठ व अपर सहायक अभियंताओं (सिविल) समेत 10 कार्मिकों की तैनाती परियोजना में की गई है। सचिव सिंचाई डॉ.भूपिंदर कौर औलख की ओर से इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए।

देहरादून जिले की पेयजल समस्या के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वाकाक्षी सौंग बाध परियोजना की शुरुआत की है। सौंधना गांव में करीब 1100 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

128 मीटर ऊंचे और करीब चार किमी लंबे सौंग बाध से रायपुर क्षेत्र व देहरादून शहर के साथ ही जिले के अन्य हिस्सों को ग्रेविटी आधारित पानी उपलब्ध होगा। इससे दून में भूजल के निरंतर हो रहे दोहन पर अंकुश लगेगा, साथ ही सौंग बाध की झील को पर्यटन के तौर पर भी विकसित किया जाएगा।

सौंग बांध परियोजना के निर्माण एवं पुनर्वास संबंधी कार्याें के सुचारू संचालन के मद्देनजर पूर्व में कार्मिक उपलब्ध कराने का प्रस्ताव शासन में आया था। इस पर मंथन के बाद सिंचाई विभाग के विभिन्न खंडों में कार्यरत 10 कार्मिकों को अब सौंग बांध परियोजना में तैनाती दी गई है। इनमें कनिष्ठ-अपर सहायक अभियंता (सिविल) अमित भट्ट, शांतनु शर्मा, आशुतोष सेमवाल, आलोक बडोनी, बलवीर राणा, विकास कपिल, विकास कोठारी व नितिन सैनी और सींच पर्यवेक्षक रकम सिंह राणा व मालचंद्र नेगी शामिल हैं। उधर, सचिव सिंचाई डॉ.भूपिंदर कौर औलख ने कहा कि कार्मिकों की तैनाती के बाद अब इस परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

Posted By: Jagran

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