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रेखा आर्य के सामने मत्स्य पालकों का फूटा गुस्सा

मत्स्य पालक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मत्स्य एवं पशुपालन राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन ऐसा व्यवसाय है जिसमें कम लागत पर अधिक आय की गारंटी है।

By JagranEdited By: Published: Thu, 11 Jul 2019 03:00 AM (IST)Updated: Thu, 11 Jul 2019 06:43 AM (IST)
रेखा आर्य के सामने मत्स्य पालकों का फूटा गुस्सा
रेखा आर्य के सामने मत्स्य पालकों का फूटा गुस्सा

जागरण संवाददाता, देहरादून : मत्स्य पालक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मत्स्य एवं पशुपालन राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन ऐसा व्यवसाय है, जिसमें कम लागत पर अधिक आय की गारंटी है। वर्तमान सरकार ने मत्स्य पालन व्यवसाय का तेजी से विकास किया है। वर्ष 2016 में प्रदेशभर में मत्स्य पालकों की संख्या करीब साढ़े तीन हजार थी, जो आज करीब साढ़े नौ हजार हो चुकी है। कृषक की दोगुनी आय अभियान में मत्स्य पालन की भी अहम भूमिका है। हालांकि, इस दौरान राज्य मंत्री रेखा आर्य को कई मत्स्य पालकों ने अपनी समस्याएं भी गिनाई, लेकिन विभागीय अधिकारियों के रोके जाने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा।

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बुधवार को सर्वे चौक स्थित आइआरडीटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार मत्स्य पालकों को दो लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है। विधवा, परित्यक्ता व निर्धन वर्ग की महिलाओं के लिए विशेष मत्स्य पालन योजना संचालित की जा रही हैं। इसमें उत्तरकाशी व अल्मोड़ा का चयन हुआ है। विभिन्न योजनाओं में आहार समेत अन्य सामग्री में सब्सिडी दी जा रही है। लोग तेजी से मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़ रहे हैं। जल्द ही मत्स्य पालकों के लिए सोलर पावर सपोर्ट सिस्टम योजना भी शुरू की जाएगी, जिससे पालकों को विद्युत के अनावश्यक खर्च से निजात मिलेगी। कहा कि आज मैदानी क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी मत्स्य पालन तेजी से विकसित हो रहा है।

कार्यक्रम के अंत में कई मत्स्य पालक रेखा आर्य के समक्ष अपनी परेशानियां रखने पहुंचे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उन्हें राज्यमंत्री के समीप जाने नहीं दिया। इससे वे भड़क उठे और जमकर हंगामा किया। डोईवाला निवासी सुरेंद्र सिंह बोहरा ने कहा कि उन्हें सब्सिडी मिलनी थी, लेकिन तालाब निर्माण व सामग्री खरीदने में कोई सब्सिडी नहीं दी गई। कहा कि उन्हें मजबूरी में कलकत्ता से मछली मंगानी पड़ी। मोहनपुर (भगवानपुर) निवासी विजय कुमार ने कहा कि उनके तालाब को स्थानीय लोग नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार डीएम व पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछली बार मत्स्य पालक दिवस में भी शिकायत की जा चुकी है। ऐसे ही अन्य तीन लोगों ने भी अपनी समस्या बताई। हालांकि, अंत में रेखा आर्य ने सभी लोगों की समस्याएं सुनी और विभागीय अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अंवसर पर सचिव मत्स्य एवं पशुपालन डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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