देहरादून, जेएनएन। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 108 के पूर्व कर्मचारियों के साथ उपवास पर बैठे। उन्होंने वहा करीब ढाई घटे तक उपवास किया। यह दूसरा मौका था जब पूर्व मुख्यमंत्री आदोलनरत कर्मचारियों के बीच आए थे। उन्होंने कर्मचारियों की माग को वाजिब बताते हुए वर्तमान सरकार को संवेदनहीन करार दिया। 

नई कंपनी में समायोजन की माग को लेकर 108 सेवा के 717 पूर्व कर्मचारी 51 दिन से धरने पर बैठे हैं। इसके साथ ही 43 दिन से कर्मचारियों का क्रमिक अनशन भी चल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों के बीच से कहा कि उनकी लड़ाई अपने हक के लिए है। इसमें वह हमेशा उनके साथ हैं। 

उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। इतने लंबे समय से धूप-बारिश के बीच कर्मचारियों के आदोलन पर भी सरकार के नुमाइंदों को तरस नहीं आ रहा है। रावत ने कहा कि वह हर वक्त कर्मचारियों की लड़ाई में साथ देंगे। इसमें काग्रेस पार्टी का हर सदस्य कर्मचारियों के हक के लिए संघर्ष करेगा। यह है कर्मचारियों की माग 

717 कर्मचारियों की गत अप्रैल में सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इसके साथ ही उनका मार्च और अप्रैल का वेतन भी रोक लिया गया था। कर्मचारी इस दो माह के वेतन और 108 का संचालन करने वाली नई कंपनी में समायोजित करने की माग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पहले जितना वेतन और वही लोकेशन चाहिए जहा वे पहले तैनात थे।

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