राज्य ब्यूरो, देहरादून

प्रदेश में एकीकृत वित्तीय भुगतान प्रणाली लागू होने के बाद वेतन व पेंशन भुगतान में पेश आ रही दिक्कतों को देखते हुए शासन ने कोषागारों में तैनात मुख्य कोषाधिकारियों, वरिष्ठ कोषाधिकारियों व कोषाधिकारियों के अवकाश लेने पर तीन माह तक सशर्त पाबंदी लगा दी है। उन्हें कोषागार, पेंशन व हकदारी निदेशक की सिफारिश के बगैर अवकाश नहीं मिल सकेगा।

वित्त सचिव अमित नेगी ने सभी जिलाधिकारियों को उक्त संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया कि नई प्रणाली आइएमएमएस के क्रियान्वयन में तकनीकी और व्यवहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इनका तत्काल निराकरण जनहित व शासकीय हित में जरूरी है। लिहाजा जिलाधिकारियों के नियंत्रणाधीन कोषागारों में तैनात मुख्य कोषाधिकारियों, वरिष्ठ कोषाधिकारियों व कोषाधिकारियों को अगले तीन माह तक निदेशक की सिफारिश के बगैर किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाए। सचिव ने आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार प्रदेश में सभी तरह के वित्तीय भुगतान के लिए आइएफएमएस प्रणाली लागू कर चुकी है। इस नए सॉफ्टवेयर के चलते बीते महीनों में वेतन और पेंशन भुगतान में दिक्कतें पेश आ चुकी हैं। इस वजह से वित्त विभाग की ओर से आहरण वितरण अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण के बावजूद दिक्कतें बनी रहने से शासन को अब कोषागारों में उक्त अधिकारियों के अवकाश पर रोक लगानी पड़ी है।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप