देहरादून, जेएनएन। शासन से बीते माह हुई समझौता वार्ता के बाद मांगों का समाधान न होने पर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के तेवर फिर उग्र हो गए हैं। यूनियन ने प्रबंध निदेशक को पत्र देकर नाराजगी जताई है कि मांगों के समाधान के बिना ही प्रबंधन ने झूठा कार्यवृत्त जारी कर दिया है। यूनियन ने प्रबंधन को एक जुलाई तक का समय दिया है। ऐसा नहीं होने पर दो जुलाई से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार पर जाने का एलान किया है। 

22 मई को शासन से वार्ता के बाद 24 मई से प्रस्तावित उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन का प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार दो हफ्ते के लिए टल गया था। मालूम हो कि, वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर यूनियन की तीनों मंडलीय कार्यकारिणी ने 16 मई से जबकि प्रदेश कार्यकारिणी ने 24 मई से सूबे में कार्य बहिष्कार का एलान किया था। 

इस हड़ताल से बचने को सरकार ने 14 मई को रोडवेज की हड़ताल पर छह महीने के लिए एस्मा लगा दी। अगले दिन 15 मई को 11 दौर में हुई बातचीत में यूनियन का सरकार से समझौता हो गया था। इस पर 16 मई से होने वाला कार्य बहिष्कार स्थगित हो गया था। 

समझौते के अनुसार कर्मचारियों का वेतन जारी हो गया और चारधाम यात्रा भी चल रही है, लिहाजा यूनियन ने 24 मई से होने वाला कार्य बहिष्कार छह जून तक के लिए टाल दिया है। यूनियन के प्रांतीय महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि 15 मई को हुई समझौता वार्ता का कार्यवृत्त जारी हुआ तो उसमें काफी मांगें ऐसी हैं, जिनका अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। 

प्रबंधन ने उन मांगों का समाधान होने का दावा किया है, जो गलत है। यूनियन छह जून से कार्य बहिष्कार पर जाने वाली थी, लेकिन उसी दौरान कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत का निधन हो गया। इस पर यूनियन ने आंदोलन को स्थगित कर दिया था। अब यूनियन ने फिर से आंदोलन की तैयारी कर ली है। चौधरी ने कहा कि अगर एक जुलाई तक उनकी मांगे नहीं मानी गई के दो जुलाई से यूनियन प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार करेगी।

यह भी पढ़ें: सचिवालय कूच करते 108 के पूर्व कर्मी पहले गिरफ्तार, फिर रिहा

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ न मिलने पर भड़के कर्मचारी

यह भी पढ़ें: राजस्व उपनिरीक्षकों ने कलम बंद हड़ताल को चेताया, जानिए वजह

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Bhanu