राज्य ब्यूरो, देहरादून: खराब वित्तीय हालत से जूझ रहे उत्तराखंड के लिए गन्ना एवं चीनी विकास उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भगत राम कोठारी ने नजीर पेश की है। उन्होंने विभाग की कमजोर माली स्थिति का हवाला देते हुए मानदेय समेत राज्यमंत्री स्तर की सभी सुविधाएं छोड़ दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अपने इस फैसले की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोठारी की इस पहल को सराहनीय कदम बताया है।

गन्ना एवं चीनी विकास उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष कोठारी ने कहा कि शासकीय कार्यो में मितव्ययता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस पद के अनुरूप मिलने वाले मानदेय समेत अन्य सुविधाएं स्वेच्छा से छोड़ने का निर्णय लिया है। शासकीय कार्याें के संपादन के लिए वह केवल वैयक्तिक सहायक की ही सेवाएं लेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति बहुत बेहतर नहीं है और इनमें उनका विभाग भी शामिल है। ऐसे में मितव्ययता के लिए हमसे जो हो सकता है, वह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी ने उत्तराखंड राज्य की लड़ाई लड़ी और अब इसे संवारने का दायित्व भी हम सबका है। इस दिशा में हर व्यक्ति को जो सक्षम है, अपना योगदान सुनिश्चित करना चाहिए।

राज्यमंत्री स्तर के दायित्वधारी कोठारी ने अपने इस फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दी है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों, प्राधिकरणों, आयोगों में 60 से अधिक पार्टी नेताओं को दायित्व सौंपे हैं। इनमें भाजपा के प्रदेश महामंत्री, उपाध्यक्ष से लेकर अन्य नेता शामिल हैं। अधिकांश दायित्वधारी संपन्न हैं। ऐसे में कोठारी की पहल उनके लिए भी नजीर बनेगी। माना जा रहा है कि अब अन्य दायित्वधारी भी उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को छोड़ सकते हैं।

Posted By: Jagran

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