देहरादून, जेएनएन। किशोरी के उत्पीड़न के मामले में जोशीमठ (चमोली) पुलिस ने आखिरकार शून्य अपराध संख्या पर केंद्रीय विद्यालय हाथीबड़कला देहरादून की प्रधानाचार्य अंशुम शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। अब यह मामला विवेचना के लिए देहरादून हस्तांतरित होगा। एसएसपी देहरादून निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पीड़िता के यहां आने में असमर्थ होने के चलते मुकदमा वहां दर्ज हुआ है। 

बता दें कि जोशीमठ की रहने वाली किशोरी के पिता ने बाल आयोग से शिकायत की थी कि उनकी बेटी को केंद्रीय विद्यालय की प्रधानाचार्य अंशुम शर्मा डेढ़ साल पहले पढ़ाने-लिखाने की बात कह कर अपने घर पर ले गई। वहां कुछ दिन तक तो सब ठीक रहा, लेकिन इसके बाद बेटी का बात-बात पर उत्पीड़न किया जाने लगा। 

बेटी के साथ मारपीट आदि के गंभीर आरोप भी लगाए। इस मामले में पीड़ित किशोरी ने भी आठ पन्नों का शिकायती पत्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भेजा था। इस पत्र पर आयोग ने चमोली पुलिस को जांच के आदेश दिए थे। 

आयोग के पत्र के बाद जोशीमठ पुलिस ने पीड़ित किशोरी के बयान दर्ज करते हुए रिपोर्ट तो तैयार कर ली थी, लेकिन घटना स्थल देहरादून बताते हुए मुकदमा दर्ज करने से किनारा कर लिया। 

इस पर बाल आयोग ने डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार को पत्र लिखा था। डीजी ने चमोली की एसपी से जीरो एफआइआर दर्ज न करने पर स्पष्टीकरण मांगा और देहरादून पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। दून पुलिस ने पीड़िता से संपर्क किया तो मुकदमे के लिए दून आने को कहा, लेकिन तीन दिन बाद भी पीड़िता यहां नहीं आ सकी। 

एसएसपी निवेदिता ने बताया कि पीड़िता ने यहां आ पाने में असमर्थता जताई थी। वह शुक्रवार को जोशीमठ थाने पहुंची और वहां मुकदमा दर्ज कराया। अब यह मामला वहां से विवेचना के लिए यहां प्रेषित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: महिला सिपाही के यौन शोषण में आरोपित एएसपी पर सरकार लेगी फैसला

यह भी पढ़ें: प्रधानाचार्य पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पीड़िता को दून पुलिस ने बुलाया

यह भी पढ़ें: दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग हुई गर्भवती, आरोपित अधेड़ को पुलिस ने किया गिरफ्तार