जागरण संवाददाता, देहरादून: किडनी कांड के 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल होने के बाद भी मामले की विवेचना जारी रहेगी। दरअसल, किडनी के काले कारोबार के अभी और भी किरदार सामने आने बाकी हैं, जिसमें ऑपरेशन के लिए मरीजों से संपर्क करने से लेकर किडनी बेचने वालों को झांसे में लेकर आने वाले शामिल हैं।

गौरतलब है कि बहुचर्चित किडनी कांड में डोईवाला पुलिस ने सोमवार को 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। लेकिन, इस मामले का सहआरोपी और सरगना अमित राऊत के बेटे अक्षय राऊत की गिरफ्तारी होनी बाकी है, लिहाजा गिरोह में उसकी भूमिका को लेकर चार्जशीट अमित की गिरफ्तारी के बाद ही दाखिल होगी। इसके अलावा ऑपरेशन के लिए विदेश समेत देश के कोने-कोने से मरीजों की तलाश कर उन्हें अमित के ठिकाने तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले कई नाम सामने आने बाकी है। वहीं बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात व अन्य राज्यों से किडनी बेचने वाले पुरुषों व महिलाओं को लाने वाले कई एजेंट भी पुलिस की रडार पर हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें से कई की पुलिस पहचान भी कर चुकी है, लेकिन समय से मामले में चार्जशीट दाखिल करने के चलते पुलिस इस बिंदु पर ज्यादा इनपुट नहीं जुटा सकी थी। इसके साथ-साथ दिल्ली के उन पैथालॉजियों की भूमिका की भी जांच जारी है, जहां गिरोह अपने मरीजों का मेडिकल चेकअप कराता था। एसपी ग्रामीण सरिता डोभाल ने बताया कि किडनी कांड की विवेचना अभी जारी है। आने वाले दिनों में जिस तरह अन्य की भूमिका सामने आएगी, उनके भी नाम मुकदमे में शामिल कर लिए जाएंगे। इसके साथ अक्षय की गिरफ्तारी के लिए अब नए सिरे से रणनीति बनाई जा रही है। जल्द ही टीमों को उसके मिलने के संभावित स्थानों पर दबिश के लिए रवाना कर दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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