मसूरी: मानसून बीतने के करीब चार माह बाद हुई पहली झमाझम बारिश से पर्यटन नगरी मसूरी सहित पूरी यमुना व अगलाड़ घाटी के ग्रामीण क्षेत्र में एकाएक ठंड में इजाफा हो गया है। हालांकि बारिश होने से काश्तकारों और बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं।

सोमवार रात लगभग 10 बजे शुरू हुई बारिश 16 घंटे रुकरुककर होती रही। बारिश के साथ तेज हवाएं और ओले गिरने से लोग दिनभर घरों में दुबके रहे। ठिठुरन बढ़ गई और देर शाम को भी लोग अलाव सेकते नजर आए। बारिश के चलते मंगलवार को पूरे दिन बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, ओले गिरने के बाद हिमपात की संभावनाएं बढ़ गई। धनोल्टी-सुरकण्डा में भी हिमपात नहीं हो पाया है। दिल्ली-यमुनोत्री नेशनल हाईवे के दोनों ओर की पूरी यमुना घाटी के काश्तकार और बागवानों ने अच्छी बरसात से राहत महसूस की है जिसका वह महीनों से इंतजार कर रहे थे। खेती के लिए इस बारिश को अच्छा माना जा रहा है। साथ ही फल आदि के उत्पादन में भी बारिश लाभदायक साबित होगी।

Posted By: Jagran

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